अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे चोरी के आरोपों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र के नागपुर में 18 जुलाई को ‘राम रक्षा आंदोलन’ आयोजित करने का ऐलान किया है। इस कार्यक्रम को लेकर पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को भी आमंत्रण भेजा है। राउत ने पत्र के माध्यम से भागवत से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की और इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की।

संजय राउत ने अपने पत्र में कही ये बात

संजय राउत ने अपने पत्र में अयोध्या राम मंदिर में कथित रूप से आभूषणों और दान सामग्री के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया है, उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत होती हैं और भगवान राम की आस्था से जुड़े विषयों पर पारदर्शिता बेहद जरूरी है। राउत के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) ने भगवान राम की पवित्रता और मंदिर व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यभर में जनजागरूकता अभियान शुरू किया है।

आंदोलन में उद्धव ठाकरे के शामिल होने की संभावना

इस आंदोलन में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के शामिल होने की संभावना है। पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राम भक्त और शिव सैनिक हिस्सा लेंगे। आंदोलन के दौरान धार्मिक पाठों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें ‘राम रक्षा स्तोत्र’, ‘हनुमान स्तोत्र’ और ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ शामिल है। पार्टी का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य राम मंदिर से जुड़े दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय करने की मांग करना है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संजय राउत ने भेजा निमंत्रण

संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह नागपुर में होने वाले इस आंदोलन में भाग लेंगे। नागपुर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह क्षेत्र भी है, इसलिए इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

3 जून को हुआ एसआईटी का गठन

राम मंदिर में चढ़ावे चोरी का मामला हाल ही में चर्चा में आया था। आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। शिवसेना (यूबीटी) का कहना है कि उसका आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि मंदिर व्यवस्था में पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा के लिए है। वहीं, इस मुद्दे पर आगे की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी हुई है।

 

 

Written By Toshi Shah