New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई हुई। वकील सत्यं सिंह राजपूत ने कोर्ट में 17 खामियां और सुझाव रखे। के दौरान कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को और अधिक संस्थागत बनाने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने राधाकृष्ण कमेटी की सिफारिशें जल्द से जल्द लागू करने पर जोर दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी बदलाव किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जिससे भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सके। इसके साथ ही परीक्षा पत्रों को लेकर जाने वाले वाहनों के प्रबंधन के लिए कई सुरक्षा उपायों का भी हवाला कोर्ट में दिया गया।
सेंध लगाना होगा मुश्किल
नीट परीक्षाओं के आयोजन को लेकर लागू प्रणाली को सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह सुरक्षित बताया है। सुप्रीम कोर्ट की माने तो इसमें सेंध लगाना मुश्किल है, साथ ही प्रश्न पत्रों को ले जाने वाले वाहन जीपीएस सिस्टम लगा होना चाहिए। जिससे उनकी प्रत्येक गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाए। इस रिकॉर्डिंग के तहत प्रत्येक छोटी हलचल भी कैद की जा सकेगी।
तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया जाए
सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दलील दी थी कि प्रश्न बैंक तैयार करने में कई मॉडरेटर शामिल होने चाहिए। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होनी चाहिए कि अंतिम रुप से तैयार किए प्रश्न पत्र में कौन से प्रश्नों को शामिल किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को राधाकृष्ण पैनल और नंदन नीलेकानी समिति द्वारा दी गई दलीलों के आधार पर लिए गए फैंसलों का हवाला देते हुए एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए संस्थागत तौर पर इसकी बुनियादी संरचना, साइबर सुरक्षा, मानव संसाधन के साथ-साथ नई तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर देने की बात कही।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के बाद उठाए बड़े कदम
सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा को सुरक्षित, गोपनीय बुनियादी ढांचे, परीक्षा केंद्रों, कागजी मुहरबंदी के लिए एक स्थाई समिति, संस्थागत विशेषज्ञता, एक संप्रभु डेटाबेस और परीक्षा की सुरक्षा और प्रश्न पत्रों की देख-रेख के लिए एक निदेशक-रैंक के अधिकारियों की तैनाती का निर्देश दिया गया है। इन अधिकारियों का जल्द तबादला ना किया जाए। जिससे तकनीकी जानकारी इनके पास ही सीमित रहे। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक जो विवरण दिया गया है और राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए कदमों के विवरण का हल्फनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने जनशक्ति के साथ-साथ तकनीकी आवश्यक्ताएं लागू करने की बात भी कही। इन सभी बड़े बदलाव के बाद नीट परीक्षा में होने वाली तमाम गड़बड़ियों को रोकने का काम किया जाएगा।
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Written By: MADHVI TANWAR