पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को कलकत्ता हाईकोर्ट से अहम अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने पार्टी को अपने बैंक खातों से रोजमर्रा के खर्चों के लिए लेन-देन करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, यह अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है।
हाईकोर्ट ने कही ये बात
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि टीएमसी अपने बैंक खातों का संचालन अदालत द्वारा नियुक्त विशेष अधिकारी की निगरानी में ही कर सकेगी। हाल ही में इन खातों को फ्रीज किए जाने के बाद पार्टी ने अदालत का रुख किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि खातों को फ्रीज करने के लिए प्रस्तुत किए गए सबूत पर्याप्त नहीं हैं और जांच एजेंसियां अब तक ठोस साक्ष्य जुटाने में सफल नहीं रही हैं। साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जब तक चुनाव आयोग इस विवाद पर अंतिम फैसला नहीं देता, तब तक टीएमसी का बागी गुट विशेष अधिकारी से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं करेगा।
क्या है मामला?
तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कथित फंड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लगभग 440 करोड़ रुपये से जुड़े बैंक खातों की जांच शुरू की है। जांच के तहत कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जिनमें एक निजी एविएशन कंपनी का कार्यालय भी शामिल है। यह मामला उन विवादित बैंक खातों से जुड़ा है, जिन पर पहले से ही डेबिट फ्रीज लागू किया गया था।
चुनाव के बाद बढ़ा विवाद
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के भीतर मतभेद गहरा गए और पार्टी दो गुटों में बंटती दिखाई दी। दावा किया गया है कि पार्टी के 19 सांसद बागी खेमे के साथ हैं। इनमें काकोली घोष, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, सायोनी घोष और यूसुफ पठान जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इस विवाद के चुनाव आयोग तक पहुंचने के बाद आयोग ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है।
Written By Toshi Shah