Assembly Election 2026: विधानसभा चुनाव 2026 में असम, केरल और पुडुचेरी ने मतदान प्रतिशत के मामले में नया इतिहास रच दिया है। बता दें, इस बार चुनाव में इतिहास में सबसे ज्यादा 85.91% वोटिंग हुई है। पुडुचेरी में करीब 90% और केरलम में 49 साल में दूसरी रिकॉर्ड वोटिंग हुई है। यह रिकॉर्ड लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
50 वर्षों में सबसे ज्यादा मतदान
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, असम और पुडुचेरी में अब तक सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया, जबकि केरल में भी मजबूत और संतुलित भागीदारी देखने को मिली। पिछले 50 वर्षों में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि ये चुनाव न केवल भारत बल्कि वैश्विक लोकतंत्र के लिए भी एक मिसाल हैं।
असम में 85.38% मतदान
आंकड़ों के अनुसार- असम में 85.38% मतदान हुआ, पुडुचेरी में 89.83% मतदान, केरल में 78.03% मतदान दर्ज किया गया। तीनों राज्यों में महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा रही और कई स्थानों पर पुरुषों से अधिक मतदान दर्ज किया गया। यह चुनावी जागरूकता और सामाजिक बदलाव का सकारात्मक संकेत है।
पारदर्शिता से बढ़ा विश्वास
चुनाव आयोग ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया ने जनता का भरोसा मजबूत किया है, जिससे रिकॉर्ड मतदान संभव हुआ। इसलिए इस बार 100% मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की गई, जिससे पारदर्शिता में बड़ा सुधार हुआ। कुल 63,084 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ।
चुनाव में मतदाताओं ने लिया हिस्सा
296 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें 5.31 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने हिस्सा लिया। 1,899 उम्मीदवार मैदान में थे और लाखों मतदानकर्मी तैनात किए गए। दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर, स्वयंसेवक और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे उनकी भागीदारी में वृद्धि हुई।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी विश्वसनीयता
चुनाव प्रक्रिया को देखने के लिए 22 देशों के 38 प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिससे भारतीय चुनाव प्रणाली की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और मजबूत हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऐतिहासिक मतदान भारत के लोकतंत्र को और मजबूत, समावेशी और भरोसेमंद बनने का संकेत देता है।
Writen By: Geeta Sharma