नेपाल में परीक्षा पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी भी भ्रष्टाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार की इस सख्ती के पीछे हाल के दिनों में भारत के छात्रों के बीच बढ़ती नाराजगी और परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का प्रभाव है।
TU पेपर लीक मामले में दो गिरफ्तार
नेपाल के शिक्षा एवं खेल मंत्री सस्मित पोखरेल ने त्रिभुवन यूनिवर्सिटी (TU) के MBS प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने को बेहद गंभीर घटना बताया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। मंत्री के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
पेपर लीक मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज
मंत्री पोखरेल ने बताया कि पेपर लीक की जानकारी मिलते ही गृह मंत्रालय और नेपाल पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाया गया। इसके बाद मामले की निगरानी तेज कर दी गई और दोषियों तक पहुंचने के लिए जांच शुरू की गई।
ऑर्गनाइजेशनल बिहेवियर का पेपर लीक
नेपाल पुलिस की सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (CIB) ने MBS फर्स्ट सेमेस्टर के ऑर्गनाइजेशनल बिहेवियर विषय के प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया है। यह परीक्षा 24 जुलाई को आयोजित हुई थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फैल गया। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
भारत में हुए छात्र आंदोलनों की भी चर्चा
नेपाल में इस घटना को लेकर सरकार की तेजी ऐसे समय में सामने आई है जब भारत में भी पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए थे। दिल्ली, बिहार और अन्य राज्यों में हुए आंदोलनों ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी थी। छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। इन प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया और केंद्र सरकार पर परीक्षा सुधारों को लेकर दबाव बढ़ा।
नेपाल में युवाओं की नाराजगी का पुराना अनुभव
नेपाल में युवा आंदोलनों का राजनीतिक असर पहले भी देखने को मिला है। अगस्त-सितंबर 2025 में हुए जेनरेशन Z (Gen Z) आंदोलन ने देश की राजनीति को प्रभावित किया था, जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था।
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छात्रों के मुद्दों पर सरकार सतर्क
बता दें कि नेपाल सरकार युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर अधिक सतर्क नजर आ रही है। सरकार नहीं चाहती कि शिक्षा व्यवस्था में किसी तरह की गड़बड़ी छात्रों के बीच असंतोष बढ़ाए या बड़े आंदोलन का रूप ले। वहीं, फिलहाल, नेपाल सरकार ने जांच एजेंसियों को तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में कौन-कौन लोग दोषी पाए जाते हैं और उनके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाती है।
Written By Toshi Shah