बिहार के बांकीपुर उपचुनाव के दौरान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सीजेपी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सीजेपी के कार्यकर्ता बिहार में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने आते हैं, तो जन सुराज पार्टी उनका खुले दिल से स्वागत करेगी। उनके अनुसार, किसी भी संगठन का उद्देश्य यदि शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाना है, तो ऐसे प्रयासों का समर्थन किया जाना चाहिए।
छात्रों के मुद्दों पर सभी संगठनों से साथ आने की अपील
प्रशांत किशोर ने कहा कि छात्रों की समस्याएं किसी एक राजनीतिक दल या संगठन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे समाज से जुड़ा विषय है, उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं के हित में काम करने वाले सभी लोगों को साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उनका मानना है कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसर और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर व्यापक सहयोग की आवश्यकता है।
सोनम वांगचुक का किया जिक्र
उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनके साथ व्यक्तिगत और वैचारिक संबंध हैं। प्रशांत किशोर के मुताबिक, दिल्ली में हुआ आंदोलन किसी एक संगठन या राजनीतिक मंच का आंदोलन नहीं था, बल्कि यह देश के युवाओं के बेहतर भविष्य और उनके अधिकारों के लिए चलाया गया अभियान था। इसलिए ऐसे आंदोलनों को राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय उनके मूल उद्देश्य को समझना चाहिए।
चुनाव आयोग को 24 घंटे का अल्टीमेटम
इस दौरान उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि संबंधित मामले में 24 घंटे के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे और उनके समर्थक चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष चुनाव और समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। यदि जिम्मेदार संस्थाएं अपनी भूमिका सही तरीके से नहीं निभाती हैं, तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना जनता का अधिकार है।
प्रशांत किशोर के बयान से बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
बांकीपुर उपचुनाव के बीच दिए गए इस बयान को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। एक ओर प्रशांत किशोर ने छात्रों के मुद्दों पर विभिन्न संगठनों के साथ सहयोग की बात कही, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग को लेकर सख्त रुख भी अपनाया। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
Written By Toshi Shah