प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर दी है। इस बीच जन सुराज पार्टी की ओर से जारी C-7 फॉर्म में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का विवरण सार्वजनिक किया गया है। दस्तावेज़ के अनुसार, उनके विरुद्ध कुल आठ मामले दर्ज हैं, जिनमें विभिन्न कानूनों की 31 धाराएं शामिल हैं।

अदालत ने नहीं दिया है दोषी करार

हालांकि, इन सभी मामलों में अब तक उन्हें किसी भी अदालत ने दोषी करार नहीं दिया है। कई मामलों में अभी आरोप तय होने या न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। इसलिए कानूनी दृष्टि से उन्हें वर्तमान समय में दोषी नहीं माना जा सकता।

सात वर्ष तक हो सकती है सजा

यदि भविष्य में किसी मामले में अदालत उन्हें दोषी ठहराती है और सात वर्ष तक की सजा सुनाती है, तो उन्हें कानून के अनुसार उस सजा का पालन करना होगा। लेकिन जब तक न्यायालय का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक केवल दर्ज मामलों के आधार पर उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता।

नामांकन पर कोई नहीं पड़ता प्रभाव

इसी कारण उनके चुनाव लड़ने को लेकर भी चर्चा तेज है। मौजूदा स्थिति में उनके खिलाफ केवल मामले लंबित हैं, जबकि किसी भी मामले में अंतिम दोषसिद्धि नहीं हुई है। ऐसे में कानूनन वे चुनावी मैदान में बने हुए हैं और उनके नामांकन पर कोई स्वत प्रभाव नहीं पड़ता।

 

 

Written By Toshi Shah