पटना: बिहार की चर्चित सीट बांकीपुर में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 19324 वोटों के अंतर से अपनी जबरदस्त जीत दर्ज की है। प्रशांत किशोर ने 31 राउंड की गिनती के दौरान 63169 वोट प्राप्त कर भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा को करारी शिकस्त दी है और राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर है।

अपनी इस जीत पर प्रशांत किशोर ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता बांकीपुर की जनता से मिले आशीर्वाद और भरोसे का सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि बांकीपुर को बेहतर बनाने के लिए जो कुछ भी संभव होगा, वह किया जाएगा और अगले दो से तीन महीनों में बदलाव दिखाई देने लगेगा। किशोर ने कहा कि वह बड़े-बड़े वादे नहीं करना चाहते हैं। उनके विधायक बनने से बांकीपुर रातोंरात बेंगलुरु नहीं बन जाएगा, लेकिन अगले दो से तीन महीनों में यहां कुछ सुधार जरूर दिखाई देंगे।

बीजेपी पर आक्रामक रहे प्रशांत किशोर

अपनी जीत दर्ज करने से पहले ही प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर तीखा हमला किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि अपराधी को CM बनाएंगे तो तरक्की नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने बीजेपी नेतृत्व को साफ संदेश दिया है कि बिहार का मुख्यमंत्री किसी अच्छे व्यक्ति को बनाया जाए। अगर बीजेपी सम्राट चौधरी को हटाकर कुशवाहा समुदाय के किसी दूसरे नेता को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है तो यह पूरी तरह से उसका फैसला है, उन्हें इससे से कोई आपत्ति नहीं है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि जिसे भी चुना जाए, वह कुशवाहा समुदाय से एक काबिल और ईमानदार व्यक्ति होना चाहिए। प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार को हर हाल में आगे बढ़ना चाहिए और राज्य का विकास होना चाहिए। कौन व्यक्ति चुनाव जीतता है या कौन सी पार्टी सरकार बनाती है, इससे फर्क नहीं पड़ता। यही लोकतंत्र है। चुनाव में जीत और हार होती रहती है। सबसे महत्वपूर्ण बिहार का विकास है।

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कौन है प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर जनसुराज पार्टी के संस्थापक है। प्रशांत किशोर का जन्म 20 मार्च 1977 को बिहार के रोहतास जिले के कोनार गांव में हुआ। हालांकि, बाद में उनका परिवार बक्सर शिफ्ट हो गया। उन्होंने 1991 में बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड से एमपी हाई स्कूल, बक्सर से 10वीं पास की। इसके बाद 1993 में पटना साइंस कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रशांत किशोर ने लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने 1996 से 1999 के बीच बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री हासिल की। मास्टर की पढ़ाई करने के लिए वह हैदराबाद चले गए। उन्होंने हैदराबाद के एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया से मास्टर ऑफ हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन (MHA) की डिग्री ली है। इसी समय उन्होंने स्वास्थ्य प्रबंधन और पब्लिक हेल्थ से जुड़ी विशेषज्ञता हासिल की। उनकी उपलब्धि यहीं पर खत्म नहीं होती है.। राजनीति में कदम रखने से पहले किशोर ने करीब 8 साल संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की फंडिंग वाले पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम के साथ भी काम किया है। इस दौरान वह हेल्थ और विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे। यहां से नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने राजनीति में एंट्री की।

Written by: Rozi Sinha