कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि राज्यों में चल रहे चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना यह धारणा पैदा करता है कि सरकार महिला आरक्षण कानून को लागू करने में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, उन्होंने दोहराया कि परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा के लिए 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए।
खरगे ने कही ये बात
खरगे ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री का वह पत्र मिला है जिसमें 16 अप्रैल से “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पर विशेष सत्र आयोजित करने की बात कही गई है, उन्होंने याद दिलाया कि यह कानून सितंबर 2023 में संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और उस समय कांग्रेस ने भी मांग की थी कि इसे तुरंत लागू किया जाए।
बिना विपक्ष को पूरी जानकारी दिए विशेष सत्र बुलाया गया- खरगे
खरगे ने सवाल उठाया कि सरकार ने उस समय व्यापक सहमति के बावजूद इसे लागू क्यों नहीं किया, जबकि अब 30 महीने बीत जाने के बाद भी बिना विपक्ष को पूरी जानकारी दिए इस पर विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। खरगे के अनुसार, परिसीमन और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की स्पष्ट जानकारी के बिना इस कानून पर सार्थक चर्चा संभव नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर लगाया आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकार का यह दावा सही नहीं है कि राजनीतिक दलों से व्यापक बातचीत की गई है, क्योंकि विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद संवैधानिक संशोधनों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक होनी चाहिए, उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विशेष सत्र बुलाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है और यह लगता है कि इसका उद्देश्य वास्तविक महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक फायदा उठाना है।
Sharing my response to Modi ji, on his letter on the special session of Parliament for a discussion on the Nari Shakti Vandan Adhiniyam from the 16th of April —
— Mallikarjun Kharge (@kharge) April 12, 2026
“As you are aware the Nari Shakti Vandan Adhiniyam, 2023 was passed by Parliament unanimously in September 2023. At… pic.twitter.com/qGq95LCMmP
पिछला रिकॉर्ड के कारण विश्वास पैदा नहीं होता- खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मुझे यह लिखते हुए भी दुख हो रहा है कि सार्वजनिक महत्व के मामलों में सरकार का पिछला रिकॉर्ड किसी भी तरह का विश्वास पैदा नहीं करता- चाहे वह नोटबंदी हो, जीएसटी हो, जनगणना हो या फिर संघीय ढांचे से संबंधित मामले जैसे वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करना और करों का हस्तांतरण।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम को दिया सुझाव
कांग्रेस अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि अगर सरकार सच में लोकतंत्र को मजबूत करना चाहती है, तो 29 अप्रैल के बाद परिसीमन पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। यह पूरा पत्राचार ऐसे समय में हुआ है जब संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र की तैयारी चल रही है, जिसमें सरकार महिला आरक्षण कानून को लागू करने और लोकसभा सीटों के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया और परिसीमन से जुड़े बदलावों को लेकर आपत्ति जताई है और विपक्षी दलों के साथ मिलकर रणनीति बनाने की तैयारी भी की है।
पीएम मोदी ने लिखा पत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक पत्र लिखा, जिसमें उनसे सहायता के लिए अनुरोध किया।
प्रधानमंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा में सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक पत्र लिखा, जिसमें उनसे सहायता के लिए अनुरोध किया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 12, 2026
"16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ी एक ऐतिहासिक चर्चा होने वाली है... काफी सोच-विचार के बाद, हम इस नतीजे… pic.twitter.com/6dLWeP1ETe
Written By Toshi Shah