प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओणम और ईद उन नबी की देशवासियों को बधाई दी। अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा। ओणम की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह एक शानदार त्योहार है जिसे पूरी दुनिया में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह त्योहार खुशी, एकजुटता और समृद्धि की भावना को और बढ़ाए। प्रधानमंत्री मोदी ने X पर अपने संदेश में कहा कि ओणम एक जीवंत त्योहार है, जिसे पूरी दुनिया में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में खुशी, एकजुटता और समृद्धि की भावना को और अधिक बढ़ाए ओणम मुख्य रूप से केरल में फसल की कटाई और मलयाली संस्कृति के जश्न से जुड़ा एक प्रमुख पारंपरिक पर्व है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस अवसर पर देशवासियों को बधाई दी और सामाजिक सद्भाव तथा सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का संदेश दिया। हर साल अगस्त-सितंबर (मलयालम कैलेंडर के चिंगम मास) में 10 दिनों तक मनाया जाता है।

ईद मुबारक! मिलाद-उन-नबी की बधाई। मुझे उम्मीद है कि यह मौका हमारे चारों ओर एकता और खुशी को बढ़ाएगा। दया और समाज को कुछ वापस देने की भावना हमेशा हमारा मार्गदर्शन करे।

ओणम क्यों मनाया जाता है?

राजा महाबली का स्वागत: पौराणिक कथा के अनुसार, इस त्योहार का संबंध असुर राज महाबली से है। राजा महाबली बहुत दयालु थे और उनकी प्रजा उन्हें बहुत मानती थी। भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर उन्हें पाताल लोक भेजा था, लेकिन महाबली की भक्ति और उदारता से प्रसन्न होकर उन्हें हर साल अपनी प्रजा से मिलने आने का वरदान दिया।

कैसे मनाया जाता है ओणंम

पूकलम (फूलों की रंगोली): पहले दिन (अथम) से घरों के आंगन में फूलों से सुंदर रंगोली बनाई जाती है, जिसे हर दिन बड़ा किया जाता है।

ओणम साध्या: यह एक विशेष पारंपरिक भोजन है, जिसमें केले के पत्ते पर 25 से 30 प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जाते हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम: इस दौरान प्रसिद्ध वल्लम कली (नौका दौड़), पुलीकली (बाघ नृत्य) और पारंपरिक लोक नृत्य आयोजित किए जाते हैं। 

 

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