पटना। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार को पटना विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्यों के साथ बिहार के मुख्यमंत्री आवास की ओर विरोध मार्च का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने सीवान में छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और छात्र समुदाय से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया।

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिहार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही की मांग की। जब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, तब इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।

अधिकारियों पर डराने-धमकाने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि अधिकारी डराने-धमकाने और पुलिस कार्रवाई के जरिए छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "युवाओं पर हिंसा करना, उन्हें जेल भेजना, उनके घरों पर जाकर धमकाना, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करना और बच्चों को डराना... इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हैं।"

निर्दलीय सांसद ने खुद को राष्ट्रीय विपक्ष के साथ खड़ा बताते हुए कहा कि आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

गृहमंत्री का मांगा इस्तीफा

उन्होंने कहा,"हम देश के युवाओं के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में तब तक लड़ते रहेंगे, जब तक (गृह मंत्री का) इस्तीफा नहीं हो जाता। सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल कर छात्रों का भविष्य बर्बाद करने की कोशिश कर रही है।"

इससे पहले दिन में, संसद के दोनों सदनों में विपक्ष द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन पर बयान देने की मांग के कारण कई बार कार्यवाही स्थगित हुई।

सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मांग की थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर हालिया छात्र प्रदर्शन पर कार्रवाई और कथित "लापता धन" के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखें।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में अपना पक्ष रखें

एएनआई से बातचीत में खड़गे ने कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आएं और अपना पक्ष रखें। वे इस बारे में क्या कहना चाहते हैं? लापता धन का मुद्दा है। इस पर उनका क्या रुख है?"

20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से निपटने के सरकार के तरीके पर सवाल उठाते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने कहा, "छात्रों को पीटा गया, पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, आंसू गैस छोड़ी गई और उनके खिलाफ हर संभव कार्रवाई की गई। ऐसा क्यों हुआ? किस कारण से हुआ? प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सदन में बयान देना चाहिए।"

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विपक्षी दलों ने 20 जुलाई के विरोध मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अपना हमला तेज कर दिया है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है और इस मुद्दे को संसद में लगातार उठा रहा है।

Written By: Pradeep Singh