ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने शनिवार तड़के खाड़ी क्षेत्र में एक नया मोड़ ले लिया, जब ईरान ने कथित तौर पर कुवैत की ओर कई मिसाइलें दागीं। इन हमलों के बाद पूरे कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर पहुंच गई। हवाई हमले के सायरन लगातार बजते रहे और अधिकारियों ने नागरिकों से घरों के अंदर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की। मिसाइलों के कुवैत के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से देश का एयरस्पेस बंद कर दिया, जिससे सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा।

'ऑपरेशन नसर 2' के तहत हमले का दावा

हमले की जिम्मेदारी लेते हुए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह कार्रवाई उसके 'ऑपरेशन नसर 2' के 18वें चरण का हिस्सा थी। आईआरजीसी के अनुसार, हमले का मुख्य निशाना कुवैत स्थित आरिफजान ग्राउंड फोर्सेज सपोर्ट सेंटर था, जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। संगठन ने दावा किया कि इस हमले में कई अमेरिकी सैनिक मारे गए, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसने एक सटीक ड्रोन हमले के जरिए कुवैत में स्थित अमेरिकी अली अल सलेम एयर बेस के रडार सिस्टम को नष्ट कर दिया। इसके अलावा, ईरान के सरकारी मीडिया ने नौसेना के हवाले से दावा किया कि अल अहमदी पोर्ट पर अमेरिकी नौसेना के ईंधन आपूर्ति केंद्र को भी ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया। साथ ही अमेरिकी संचार और सिग्नलिंग नेटवर्क को भी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।

हवाई सेवाएं पूरी तरह ठप

सुरक्षा हालात बिगड़ने के बाद कुवैत सरकार ने पूरे राष्ट्रीय एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इसके चलते कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों का संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। राष्ट्रीय एयरलाइन कुवैत एयरवेज ने पुष्टि की कि आने वाली और जाने वाली सभी उड़ानों को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है। इससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं और अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल नेटवर्क पर भी असर पड़ा।

बिजली और पानी के प्लांट में लगी आग

मिसाइल हमलों का असर केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा। कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की कि हमलों के बाद बिजली आपूर्ति नेटवर्क तथा समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले डिसेलिनेशन प्लांट के एक हिस्से में आग लग गई। राहत एवं दमकल टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं।

नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी

सरकार ने पूरे देश में सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। अस्पतालों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कई सार्वजनिक संस्थानों ने एहतियात के तौर पर अपने संचालन में बदलाव किया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहराता संकट

कुवैत पर हुए इन कथित हमलों ने पहले से ही तनावपूर्ण मध्य पूर्व की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। यदि हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय विमानन पर पड़ सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, जबकि विभिन्न देशों की ओर से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की जा रही है। इस बीच, ईरान के दावों और हमलों से हुए नुकसान के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

Written By: Geeta Sharma