उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर एआईएमआईएम (AIMIM) ने अपनी राजनीतिक रणनीति को लेकर स्पष्ट संकेत दिए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी चुनाव में पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेगी और राज्य की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
वारिस पठान प्रदेश की राजनीतिक को लेकर कही ये बात
वारिस पठान के अनुसार, एआईएमआईएम ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है, उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है और उनकी पार्टी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
उत्तर प्रदेश के दौरे पर है असदुद्दीन ओवैसी
वारिस पठान ने बताया कि एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) इन दिनों उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। लखनऊ, बहराइच और मटेरा सहित कई क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में जनता की अच्छी भागीदारी देखने को मिली है। पठान का कहना है कि लोगों के बीच पार्टी के प्रति समर्थन लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर आगामी चुनावों में दिखाई देगा।
महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुए सड़क पर जताया दुख
इस बीच, महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुए सड़क हादसे पर भी वारिस पठान ने दुख जताया, उन्होंने घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ओवैसी ने सरकार की नीतियों की आलोचना की
बहराइच में आयोजित एक जनसभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने बीफ निर्यात के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि गाय संरक्षण और धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर राजनीतिक बयानबाजी और जमीनी आर्थिक वास्तविकताओं के बीच अंतर दिखाई देता है।
ओवैसी ने तर्क दिया कि पशुपालन और पशुधन पर की बात
ओवैसी ने तर्क दिया कि पशुपालन और पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था देश के कई राज्यों में लाखों लोगों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में इस विषय पर चर्चा तथ्यों, संवैधानिक मूल्यों और पारदर्शिता के आधार पर होनी चाहिए, न कि केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से, उन्होंने यह भी कहा कि गाय से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक विमर्श करते समय कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के व्यापक पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि नीति और व्यवहार के बीच संतुलन कायम रह सके।
Written By Toshi Shah