पुरी: ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि भीड़ और उमस के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई, गुरुवार की शाम करीब 5 बजे भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक पहांडी रस्म के दौरान रथों के पास दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक आगे बढ़ने लगी। मौके पर मौजूद स्वयंसेवक लोगों को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई और कुछ लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। इससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

भारी बारिश के बावजूद उमड़ा जनसैलाब

रथयात्रा की शुरुआत के समय पुरी में तेज बारिश हो रही थी, लेकिन इसका श्रद्धालुओं के उत्साह पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रशासन के अनुसार, यात्रा मार्ग पर करीब 12 लाख से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। अत्यधिक भीड़, उमस और लगातार बारिश के बीच कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हुईं। ऐसे लोगों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।

पहले दिन कुछ दूरी तय कर रुकी रथयात्रा

शाम करीब 7:30 बजे भगवान जगन्नाथ का रथ आगे बढ़ना शुरू हुआ। हालांकि, पहले दिन रथ कुछ ही मीटर आगे बढ़ सका, जिसके बाद यात्रा को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रोक दिया गया। अब रथयात्रा शुक्रवार सुबह 9:30 बजे दोबारा शुरू होगी और भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र तथा देवी सुभद्रा के रथ गुंडीचा मंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे।

सरकार ने भगदड़ की खबरों से किया इनकार

घटना के बाद राज्य सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि रथयात्रा का आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से हुआ। सरकार का कहना है कि भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी थी। अधिकारियों के मुताबिक, अत्यधिक भीड़ के कारण एक श्रद्धालु की मौत हुई है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

1. 18 जुलाई 2015 को नवकलेवर वर्ष होने के कारण लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। भगवान बलभद्र के रथ के दौरान ग्रैंड रोड स्थित मारिचिकोट चौक पर अचानक भीड़ बढ़ने से धक्का-मुक्की हुई थी। इस घटना में दम घुटने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य लोग घायल हुए थे।

2. इसके बाद 29 जून 2025 को गुंडीचा मंदिर के बाहर सरधाबली क्षेत्र में दर्शन के लिए एकत्रित श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक आगे बढ़ गई थी। लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे और लापरवाही के आरोप में कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी।

भीड़ प्रबंधन पर फिर उठे सवाल

इस वर्ष प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, अतिरिक्त पुलिस बल, स्वयंसेवकों और चिकित्सा सुविधाओं की तैनाती का दावा किया था। बावजूद इसके, भारी भीड़ के दौरान धक्का-मुक्की और एक श्रद्धालु की मौत ने एक बार फिर भीड़ प्रबंधन की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन घटना के कारणों की जांच कर रहा है और श्रद्धालुओं से निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

Written By: Geeta Sharma