आज सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। सावन के पहले दिन से शुरू हुई कांवड़ यात्रा का भी आज समापन हो रहा है। बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार और अन्य तीर्थस्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्र के शिवालयों में पहुंच रहे हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। सुबह से ही देश के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर से लेकर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक हर जगह श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आ रही है। मंदिर परिसरों में लगातार हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं।

काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों की भारी भीड़
सावन शिवरात्रि के मौके पर वाराणसी के बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंगला आरती के समय से ही भक्त दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे थे। मंदिर के कपाट खुलने के बाद श्रद्धालुओं की कतार और लंबी हो गई। इस विशेष अवसर के लिए काशी विश्वनाथ धाम को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। बड़ी संख्या में भक्त गंगाजल और अन्य पूजन सामग्री के साथ बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए पहुंच रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Vastu Shastra: घर में शिवलिंग रखते हैं? भूलकर भी न करें दिशा की ये गलती, वरना नहीं मिलेगा पूजा का पूरा फल

बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भी सावन शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही भक्त भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए कतार में खड़े नजर आए। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्तों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है। कांवड़िए भी गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचकर भगवान शिव को जल अर्पित कर रहे हैं।

हरिद्वार की हर की पौड़ी पर कांवड़ियों का सैलाब
सावन शिवरात्रि के दिन हरिद्वार की हर की पौड़ी पर भी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दूर से आए कांवड़िए गंगा स्नान करने और पवित्र गंगाजल भरने के लिए घाटों पर पहुंचे। इसके बाद कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों की ओर रवाना हुए। हर की पौड़ी और आसपास के इलाकों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से माहौल पूरी तरह शिवमय दिखाई दिया। कांवड़ यात्रा के समापन और सावन शिवरात्रि को देखते हुए प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। सावन शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने और विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। जल को शुद्धता और शीतलता का प्रतीक माना जाता है और भगवान शिव का जलाभिषेक भक्तिभाव से किया जाता है। मान्यता है कि सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मन को शांति मिलती है और भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना पूरी होती है। इसी आस्था के साथ आज देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं।

Writtten by Rozi Sinha