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ऊर्जा से खेल तक मोदी सरकार का मेगा प्लान, कैबिनेट ने मंजूर की कई बड़ी योजनाएं

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत में वाटर बॉडीज का इस्तेमाल करके 102 गीगा वॉट (GW) सोलर पावर जेनरेशन करने की क्षमता है। इसके लिए सरकार ने PM सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दी है।

ऊर्जा से खेल तक मोदी सरकार का मेगा प्लान, कैबिनेट ने मंजूर की कई बड़ी योजनाएं
Cabinet Meeting

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल और कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में देश के विकास, ऊर्जा सुरक्षा, कृषि, खेल और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार के फैसलों की जानकारी साझा की।

फ्लोटिंग सोलर परियोजना को मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक का सबसे प्रमुख निर्णय सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने से जुड़ा रहा। सरकार ने जल निकायों की सतह पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन करने वाली फ्लोटिंग सोलर पीवी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में जलाशयों, नहरों और अन्य जल क्षेत्रों का उपयोग करके लगभग 102 गीगावॉट तक सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावना मौजूद है। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 5,000 मेगावॉट की फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार ने कही ये बात

इस परियोजना के लिए प्रति मेगावॉट 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में दो घंटे की ऊर्जा भंडारण व्यवस्था भी शामिल होगी, जिससे बिजली की अधिक मांग वाले समय में आपूर्ति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। सरकार के अनुसार, इस योजना का बड़ा लाभ यह होगा कि सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मौजूदा जलाशयों और अन्य जल संरचनाओं का इस्तेमाल किया जा सकेगा। परियोजनाओं का चयन प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अवधि को बढ़ाया गया

कैबिनेट ने किसानों के हित में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। अब यह योजना वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में इस योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में करीब 3.10 लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना से बड़ी संख्या में किसानों को आर्थिक सहायता मिली है और इससे उनके वित्तीय दबाव को कम करने में मदद मिली है। सरकार का मानना है कि किसानों को सीधी आर्थिक सहायता देने वाली यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

खेलो इंडिया योजना के लिए 29 हजार करोड़ रुपये मंजूर

कैबिनेट ने खेल क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से खेलो इंडिया योजना के विस्तार को भी मंजूरी दी है। इस योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखा जाएगा और इसके लिए करीब 29,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना के तहत युवाओं और छात्रों में खेल प्रतिभा को पहचानने और उसे विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें खेल सुविधाओं का विकास, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, पोषण सहायता और विशेषज्ञ मार्गदर्शन जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। यह कार्यक्रम भारत के आगामी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों, जिसमें 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स भी शामिल हैं, को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसके तहत खिलाड़ियों को पहले की तुलना में अधिक सहायता देने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाएगी।

समुद्र मंथनयोजना से बढ़ेगी तेल और गैस खोज की क्षमता

कैबिनेट ने देश में तेल और प्राकृतिक गैस के नए भंडार खोजने के लिए ‘समुद्र मंथन’ योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यह योजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे घरेलू उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और विदेशों से तेल-गैस आयात पर निर्भरता कम हो सकती है।

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इस योजना में होंगे दो भाग

इस योजना के दो मुख्य भाग होंगे। पहला, समुद्री क्षेत्रों में सिस्मिक डेटा जुटाना, जिसके लिए करीब 28,000 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। इस डेटा की मदद से तेल और गैस भंडार वाले क्षेत्रों की पहचान अधिक वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी। दूसरे चरण में तेज गति से ऑफशोर खोज अभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए लगभग 43,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के जरिए नए ऊर्जा स्रोतों की खोज को बढ़ावा देना है।

 

 

  Written By Toshi Shah  

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