ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों के बाद अपने बयानों में कई गंभीर आरोप लगाए और अपनी राजनीतिक स्थिति पर भी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि वह हार स्वीकार नहीं करतीं और इसलिए इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनके अनुसार उन्हें किसी तरह से पद छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, उन्होंने यह भी दावा किया कि नैतिक रूप से वह खुद को विजेता मानती हैं।
ममता बनर्जी को INDIA गठबंधन ने दिया समर्थन
INDIA गठबंधन को लेकर उन्होंने बताया कि गठबंधन के कई बड़े नेता जैसे सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन ने उनसे संपर्क किया और समर्थन जताया, उन्होंने यह भी कहा कि सभी सहयोगी दल उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और आगे एकता और मजबूत होगी।
ममता बनर्जी ने खुद को कहा आजाद पंछी
ममता ने कहा, 'मैं INDIA गठबंधन को मजबूत करूंगी। बिल्कुल एक आम आदमी की तरह। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है इसलिए मैं एक आम आदमी हूं। आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं। मैं अब एक आजाद पंछी हूं। मैंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा में लगा दी। इन 15 सालों में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं निकाला। मैं तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं ले रही हूं, लेकिन अब, मैं एक आजाद पंछी हूं।'
चुनाव आयोग पर ममता ने लगाया आरोप
चुनाव प्रक्रिया पर उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए, उनका कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पक्षपाती रही और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुईं। उन्होंने EVM की कार्यप्रणाली, वोटिंग के बाद बैटरी स्तर, और प्रशासनिक कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल, अधिकारियों के तबादले और मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव जैसे कदमों ने चुनाव को प्रभावित किया।