नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भंगेल एलिवेटेड रोड के पिलर नंबर 59 स्थित बरौला टी-पॉइंट पर बनने वाले क्लोवर लीफ इंटरचेंज का शिलान्यास किया है। करीब 67.81 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना शहर के ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके निर्माण के बाद वाहन चालकों को एलिवेटेड रोड पर बीच मार्ग से ही चढ़ने और उतरने की सुविधा मिल सकेगी, जिससे रोजाना लाखों लोगों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

दो वर्षों में पूरा होगा निर्माण कार्य

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, क्लोवर लीफ इंटरचेंज का निर्माण लगभग दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में एलिवेटेड रोड पर बीच में प्रवेश या निकास का कोई विकल्प नहीं है, जिसके कारण लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद दादरी रोड, विश्वकर्मा रोड और आसपास के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। इससे जाम की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

20 सेक्टरों और कई गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

इस परियोजना का सबसे अधिक फायदा नोएडा के सेक्टर 74, 75, 76, 77, 78, 79, 101, 104, 107, 119, 120 और 121 सहित करीब 20 सेक्टरों के निवासियों को मिलेगा। इसके अलावा सेक्टर 42, 47, 48 और 49 के लोगों की आवाजाही भी पहले से अधिक आसान हो जाएगी। हाजीपुर, बरौला और सलारपुर जैसे आसपास के गांवों के निवासी भी इस नई कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में स्थित 78 से अधिक आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले करीब चार लाख लोगों को इस परियोजना का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सफर का समय कम होने के साथ-साथ ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा, जिससे दैनिक आवागमन अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा।

2020 में शुरू हुआ था एलिवेटेड रोड का निर्माण

सेक्टर-40 अगाहपुर से सेक्टर-82 एनएसईजेड तक करीब 4.5 किलोमीटर लंबे छह-लेन एलिवेटेड रोड का निर्माण वर्ष 2020 में शुरू किया गया था। लगभग 608 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को नवंबर में आम जनता के लिए खोल दिया गया था। हालांकि, बरौला टी-पॉइंट पर क्लोवर लीफ इंटरचेंज की सुविधा नहीं होने के कारण स्थानीय लोग लंबे समय से अतिरिक्त कनेक्टिविटी की मांग कर रहे थे। अब इस नई परियोजना के शुरू होने के बाद वाहन चालक बिना अतिरिक्त दूरी तय किए सीधे एलिवेटेड रोड पर चढ़ और उतर सकेंगे। इससे न केवल स्थानीय यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि एलिवेटेड रोड की उपयोगिता भी पहले से अधिक बढ़ जाएगी।

शहर के ट्रैफिक सिस्टम को मिलेगी नई मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि क्लोवर लीफ इंटरचेंज बनने के बाद नोएडा के कई व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और सुगम आवागमन के कारण यह परियोजना शहर के बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाएगी। आने वाले वर्षों में यह इंटरचेंज नोएडा के ट्रैफिक प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साबित हो सकता है और लाखों यात्रियों के लिए दैनिक सफर को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाएगा।

Written By: Geeta Sharma