Lalitpur News: जनपद में कृषि विभाग ने सरकारी योजनाओं के तहत किसानों को वितरित किए जाने वाले मूंगफली बीज की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने सदर कोतवाली क्षेत्र की शिव धाम कॉलोनी में छापेमारी की। इस दौरान एक मकान के बंद कमरे से लगभग 22 क्विंटल सरकारी मूंगफली बीजबरामद किया गया। जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बीज को अवैध रूप से बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी।
बंद कमरे में मिला 200 बोरियों में रखा सरकारी बीज
कृषि विभाग की टीम को छापेमारी के दौरान करीब 200 बोरियों में सरकारी मूंगफली बीज रखा हुआ मिला। अधिकारियों के अनुसार मौके पर मौजूद लोगों से बीज के संबंध में आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद पूरे बीज को तत्काल जब्त कर विभागीय कब्जे में ले लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बीज को इस तरह छिपाकर रखा जाना संदेह पैदा करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि बीज वहां कैसे पहुंचा और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका है।
किसानों को निःशुल्क वितरण के लिए था बीज
कृषि विभाग के अनुसार बरामद मूंगफली बीज FPO के माध्यम से किसानों को बुवाई के लिए निःशुल्क वितरित किया जाना था। सरकार का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाना और खेती की लागत कम करना है। यदि इस बीज की अवैध बिक्री हो जाती, तो पात्र किसानों को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाता। इससे न केवल किसानों का नुकसान होता बल्कि सरकारी संसाधनों का भी दुरुपयोग होता।
विभाग ने शुरू की जांच
कृषि विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि सरकारी बीज को किस स्तर पर अनधिकृत रूप से बाहर निकाला गया। उसे निजी स्थान पर क्यों रखा गया। साथ ही बीज की आपूर्ति, भंडारण और वितरण से जुड़े सभी रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अन्य संबंधित व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हितों की सुरक्षा पर विभाग का जोर
कृषि विभाग का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री की कालाबाजारी रोकने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी ताकि किसी भी स्तर पर सरकारी योजनाओं में अनियमितता न हो।
Written By: Geeta Sharma