सोमवार को मध्य प्रदेश एटीएस टीम ने अंतरराज्यीय कट्टरपंथी मॉड्यूल के सिलसिले में बिहार में मदरसा चलाने वाले एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बात की जानकारी पुलिस के एक अधिकारी द्वारा दी गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ताजा गिरफ्तारी बिहार के मधुबनी जिले से की गई है।

ऑनलाइन कट्टरपंथी मॉड्यूल के खिलाफ चौथी गिरफ्तारी

मध्यप्रदेश एटीएस ने एक कथित ऑनलाइन कट्टरपंथी मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामले में चौथी गिरफ्तारी की है। अधिकारियों के अनुसार,इजहार नामक आरोपी को बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया गया और स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर मध्यप्रदेश लाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के बुधवार तक मध्यप्रदेश पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि,उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इजहार इस मॉड्यूल का सरगना है। उसकी भूमिका और नेटवर्क में उसकी वास्तविक स्थिति का खुलासा विस्तृत पूछताछ के बाद ही हो सकेगा।

पहली गिरफ्तारी कब हुई थी?

इस मामले में पहली गिरफ्तारी शुक्रवार को भोपाल के काजी कैंप इलाके से मोहम्मद फराज (35)की हुई थी। इसके बाद एटीएस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ननौता निवासी नईम अब्दुल्ला कुरैशी (38) तथा राजस्थान के अलवर जिले के मोहम्मद शाकिर (34) को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार,कुरैशी की गिरफ्तारी मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश एटीएस,एसटीएफ तथा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में हुई,जबकि शाकिर को मध्यप्रदेश और राजस्थान एटीएस की टीमों ने गिरफ्तार किया।

जांच एजेंसियों का बड़ा दावा

जांच एजेंसियों का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी एक बंद ऑनलाइन समूह का हिस्सा थे,जिसे पाकिस्तान में बैठे एक कथित ‘हैंडलर’ द्वारा एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार,केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को ऐसी जानकारी मिली थी कि विदेशी तत्व भारत में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उनकी भर्ती के लिए ऑनलाइन नेटवर्क का उपयोग कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई।

नेटवर्क के अन्य सदस्यों के संपर्क में था फराज

जांच में सामने आया है कि भोपाल के एक निजी होम्योपैथी क्लिनिक में कार्यरत फराज कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों के संपर्क में था और ऑनलाइन माध्यमों से प्रभावित हो रहा था। अधिकारियों ने बताया कि फराज और कुरैशी को 16 जून तक एटीएस हिरासत में भेजा गया है, जबकि शाकिर को 20 जून तक हिरासत में रखा जाएगा। जांचकर्ताओं का कहना है कि कुरैशी ने लगभग दो वर्ष पहले फराज को इस ऑनलाइन समूह से परिचित कराया था। दोनों ने सहारनपुर के देवबंद स्थित एक मदरसे में साथ पढ़ाई की थी।

संभावित साजिश का पता लगाने के लिए जांच जारी

एटीएस ने आरोपियों के कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल सामग्री जब्त की है। इनमें कथित चरमपंथी साहित्य और ऑनलाइन समूह के माध्यम से साझा किए गए वीडियो शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क की प्रकृति,इसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों और किसी संभावित साजिश का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पूछताछ आगे बढ़ने के साथ मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

Written By: Geeta Sharma