लखनऊ में आशियाना पुलिस ने वाहन चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान एक लग्जरी BMW कार से 26 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। यह कार्रवाई स्मृति उपवन के पास नियमित जांच के दौरान की गई। पुलिस ने संदेह के आधार पर कार को रोका और तलाशी लेने पर डिग्गी में बने एक विशेष लॉकर से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी हलचल मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई।

500 रुपये के नोटों की 52 गड्डियां बरामद

पुलिस के अनुसार, कार के लॉकर से 500-500 रुपये के नोटों की कुल 52 गड्डियां मिलीं, जिनकी कुल कीमत 26 लाख रुपये बताई जा रही है। तलाशी के दौरान कार में मौजूद लोगों से नकदी के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे मौके पर कोई संतोषजनक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेते हुए BMW कार को सीज कर दिया। जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान एक स्कॉर्पियो वाहन को भी पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर सीज किया है। प्रारंभिक जांच में दोनों वाहनों के बीच किसी प्रकार के संबंध की भी जांच की जा रही है।

तीन युवकों से पूछताछ जारी

पुलिस ने मौके से तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नकदी किसकी है, इसे कहां से लाया गया और किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था, इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं यह मामला अवैध लेनदेन, हवाला या चुनावी अथवा कारोबारी गतिविधियों से तो जुड़ा नहीं है।

आयकर विभाग को दी गई सूचना

नकदी के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी आयकर विभाग को दे दी है। अब आयकर विभाग भी मामले की जांच में शामिल हो गया है और बरामद रकम के स्रोत, स्वामित्व तथा कर संबंधी रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि बरामद नकदी का हिसाब संबंधित वित्तीय दस्तावेजों में दर्ज है या नहीं।

नंबर प्लेट ने भी खींचा ध्यान

इस पूरे मामले में एक और बात चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, BMW कार की नंबर प्लेट सामान्य नंबर प्लेट से अलग और कुछ हद तक असामान्य दिखाई दी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वाहन का पंजीकरण पूरी तरह वैध है या नहीं तथा नंबर प्लेट से जुड़े सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

गौरतलब है कि इससे पहले मई 2026 में गुजरात के दाहोद में वाहन चेकिंग के दौरान एक कार से 2.56 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई थी। उस समय भी वाहन में मौजूद लोग नकदी से जुड़े आवश्यक दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं कर सके थे। बाद में जांच में सामने आया था कि नकदी दाहोद की एक कंपनी से वडोदरा ले जाई जा रही थी। उस मामले में भी आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों ने विस्तृत जांच की थी।

जांच जारी, जल्द हो सकते हैं नए खुलासे

फिलहाल लखनऊ के इस मामले में पुलिस और आयकर विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद 26 लाख रुपये की नकदी वैध थी या नहीं और इसके पीछे किसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि का संबंध है या नहीं। पुलिस ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Written By: Geeta Sharma