कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने रविवार को कर्नाटक कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद (B. K. Hariprasad) के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की नारेबाजी पर कड़ी आपत्ति जताई। कार्यक्रम में कुछ समर्थक मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार (D. K. Shivakumar) के पक्ष में लगातार नारे लगा रहे थे, जिससे खरगे असहज दिखाई दिए।
कार्यकर्ताओं को शांत रहने की दी सलाह
मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत रहने की सलाह दी और स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी एक नेता के समर्थन का मंच नहीं, बल्कि पार्टी संगठन को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रचार से अधिक महत्व पार्टी की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का है। नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से बैठ जाने और अनुशासन बनाए रखने को कहा।
#WATCH | Bengaluru, Karnataka: Congress President Mallikarjun Kharge loses his cool at party workers during the Sankalpa Samavesha programme after the workers raised “DK-DK” slogans
— ANI (@ANI) June 21, 2026
“Will the entire country be affected if you shout here? This is not an individual’s programme, it… pic.twitter.com/jmO0rLMftK
सीएम डीके शिवकुमार भी समर्थकों को शांत करते आएं नजर
इस दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी समर्थकों को शांत कराने की कोशिश करते नजर आए, उन्होंने इशारों के जरिए लोगों से नारेबाजी बंद करने और कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
अनुशासन सर्वोपरि है- खरगे
खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कार्यक्रम में व्यवधान को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पूरे कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग की गई है और यदि किसी कार्यकर्ता की भूमिका अनुशासनहीनता में पाई जाती है तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही थी चर्चा
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर लंबे समय से राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं। सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर कई महीनों तक अटकलें चलती रहीं। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया गया था, जबकि शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
मई के अंत में सिद्धारमैया ने सीएम पद से दिया था इस्तीफा
इसके बाद समय-समय पर सत्ता के संभावित हस्तांतरण और कथित रोटेशन व्यवस्था को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज रही। वहीं, मई के अंत में सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद छोड़ा और कुछ दिनों बाद डीके शिवकुमार ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। ऐसे माहौल में पार्टी कार्यक्रम के दौरान हुई नारेबाजी को कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है।
Written By Toshi Shah