कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में उन्होंने अपने फैसले की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि दोपहर 3 बजे सिद्धारमैया लोकभवन जाकर अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपेंगे। हालांकि,वर्तमान में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं। वे मध्य प्रदेश के इंदौर में अपने एक बीमार रिश्तेदार से मिलने गए हुए हैं। ऐसे में इस्तीफा सौंपने की प्रक्रिया को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
सिद्धारमैया ने 10:30 बजे बुलाई थी कैबिनेट बैठक
सिद्धारमैया ने सुबह करीब 10:30 बजे कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई थी। इस बैठक को लेकर पहले से ही राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं और आखिरकार उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। उनके इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। पार्टी के भीतर पिछले कई महीनों से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर खींचतान चल रही थी। डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के समर्थकों के बीच सत्ता संतुलन को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही थीं।
डीके शिवकुमार को प्रभावशाली नेता माना जाता है
कांग्रेस आलाकमान लंबे समय से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मंथन कर रहा था। पार्टी आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव करना चाहती थी। डीके शिवकुमार को पार्टी के मजबूत संगठनकर्ता और प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता है। ऐसे में उनके नेतृत्व में कांग्रेस नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर सकती है।
कौन बनेगा कर्नाटक का मुख्यमंत्री?
सिद्धारमैया के इस्तीफे के ऐलान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर अब पार्टी हाईकमान के अगले फैसले पर टिकी हुई है। यदि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है,तो यह कर्नाटक कांग्रेस में शक्ति संतुलन के नए दौर की शुरुआत मानी जाएगी। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
Written By: Geeta Sharma