नीम करौली बाबा के भक्तों के लिए उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष 15 जून को कैंची धाम का स्थापना दिवस बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष भी 13 जून से 16 जून तक आयोजित होने वाले स्थापना दिवस और मेले को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।

1964 में हुई थी कैंची धाम की स्थापना

कैंची धाम की स्थापना वर्ष 1964 में महान संत बाबा नीम करौली महाराज ने की थी। आज यह स्थान भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा सहित कई देशों के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बन चुका है। हर साल स्थापना दिवस पर लाखों भक्त यहां पहुंचते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

बदलेगा ट्रैफिक रूट

प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक प्लान के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली-एनसीआर, मुरादाबाद और अन्य बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को विभिन्न स्थानों पर डायवर्ट किया जाएगा। न्यागांव तिराहा, लामाचौड़, शीतल होटल तिराहा, गोलापार और काठगोदाम जैसे प्रमुख मार्गों से वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक पहुंचाया जाएगा। वहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम भेजा जाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए की गई है विशेष व्यवस्था

नैनीताल, रामनगर, कालाढूंगी, लालकुआं और बरेली रोड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को भवाली, भीमताल, गोलापार और काठगोदाम की पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। वहीं अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ से आने वाले वाहनों को खैरना पार्किंग में रोककर शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

वाहनों के संचालन पर भी अस्थायी प्रतिबंध

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी माल वाहनों के संचालन पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। 13 जून रात 11 बजे से 14 जून सुबह 6 बजे तक तथा 14 जून सुबह 11 बजे से 16 जून रात 11 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को विशेष अनुमति के साथ संचालन की छूट मिलेगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की जाएंगी शटल सेवाएं संचालित

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भवाली, भीमताल, खैरना, काठगोदाम और हल्द्वानी सहित कई स्थानों से शटल सेवाएं संचालित की जाएंगी। प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और शटल सेवा का अधिकतम लाभ उठाएं, जिससे सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके।

Written By: Geeta Sharma