रांची। झारखंड में JPSC, JSSC, CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सरकार ने बातचीत की पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।

बुधवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) कुमार रजत और अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) धनंजय कुमार पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास पर बातचीत के लिए सरकार का न्योता दिया।

SDM कुमार रजत ने मीडिया से कहा कि प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कुछ समय मांगा है और उन्हें समय दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्र विचार-विमर्श के बाद सरकार को अपना जवाब बताएंगे। अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहेंगे।

हालांकि, प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बातचीत केवल छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच ही होनी चाहिए। उन्होंने सरकार के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए करीब दो घंटे का समय मांगा है।

CM सोरेन ने कहा- बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे खुले

इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि सरकार परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और जांच एजेंसियां अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां मामले में गंभीरता और प्रभावी तरीके से काम कर रही हैं और सरकार ठोस समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगी।

सोरेन ने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। जिन लोगों की कोई मांग है, वे सरकार के सामने अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की कुछ समस्याओं की जानकारी पहले से है और उनकी ओर से अपनी मांगें रखने पर सरकार उन पर गंभीरता से विचार करेगी।

JMM ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया

सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा कि सरकार जल्द ही छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाएगी।

JMM नेता पांडे ने कहा कि पार्टी अभ्यर्थियों के साथ खड़ी है और सरकार उनकी मांगों से अवगत है। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इसके बाद उपलब्ध सबूतों के आधार पर दो-तीन दिनों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

14वीं JPSC परीक्षा के रिजल्ट के बाद शुरू हुआ आंदोलन

यह विरोध प्रदर्शन 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम 5 जुलाई को घोषित होने के बाद शुरू हुआ था। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।

इसके बाद से छात्र रांची में लगातार धरना और चौबीसों घंटे प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा (PT) रद्द करना और TDPL एजेंसियों के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं की समीक्षा करना शामिल है।

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अब सरकार की ओर से बातचीत के न्योते के बाद छात्रों के रुख पर सबकी नजर है। यदि प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए तैयार होता है, तो लंबे समय से जारी इस आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठ सकता है।

Written By : Pradeep Singh