रांची। सरकारी सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच झारखंड सरकार और JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच रविवार को बातचीत का एक और दौर शुरू हुआ।

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित राज्य अतिथि गृह में झारखंड की मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा और संजय यादव से मुलाकात की।

आश्वासन नहीं समस्या के समाधान की मांग

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने कहा कि उसे उम्मीद है कि इस बातचीत से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम निकलेंगे। मंच ने इसे "पोस्ट-डेटेड चेक" नहीं बनाने की अपील की।

छात्र संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "आज बातचीत का दूसरा दौर है... हमें उम्मीद है कि इस बार केवल बातचीत नहीं होगी, बल्कि समाधान की दिशा में ठोस कदम भी सामने आएंगे। छात्रों की आवाज अब बातचीत की मेज पर है—अब देखना है कि सरकार उस आवाज को कितनी गंभीरता से सुनती है। हमें पोस्ट-डेटेड चेक नहीं चाहिए!"

पोस्ट में आगे कहा गया, "छात्र ऐसे आश्वासन नहीं चाहते जिनकी तारीख आज की न होकर भविष्य में तय की गई हो। हमें वादों की तारीख नहीं, बल्कि अपनी मांगों के समाधान की तारीख चाहिए। अब केवल आश्वासन देकर समय काटने का दौर खत्म होना चाहिए-छात्र तत्काल और ठोस फैसले चाहते हैं।"

प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री पर भरोसा

इससे पहले छात्र प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भरोसा जताते हुए कहा था, "मुझे पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री हमारी मांगें पूरी करेंगे... हम आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हैं।"

प्रतिनिधिमंडल के एक अन्य सदस्य ने ANI से कहा, "हम निश्चित रूप से उम्मीद कर सकते हैं। हमें उम्मीद है। अगर सरकार हमारी बात नहीं सुनती है तो कल के लिए हमारी तैयारियाँ तय हैं।"

भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप

विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत 5 जुलाई को 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद हुई थी। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। इसके बाद से छात्र चौबीसों घंटे विरोध-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं तथा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

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अभ्यर्थियों ने कथित अनियमितताओं की जांच के लिए CBI जांच की मांग भी की है। दोनों पक्षों के बीच पिछली बैठक के बाद मंत्री सोनू ने बताया था कि राज्य सरकार ने नीति सुधारों के लिए छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने हेतु एक समर्पित ईमेल आईडी जारी की है।

Written By: Pradeep Singh