तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सांसदों के पाला बदलने को लेकर चल रही अटकलों के बीच पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra)ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है कि किसी बागी समूह के पास 20 सांसदों का समर्थन है, उन्होंने कहा कि अगर इतनी बड़ी संख्या में सांसद वास्तव में साथ होते, तो अब तक उसका कोई ठोस सबूत, पत्र या संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस सामने आ चुका होता।
संख्या साबित करने की जिम्मेदारी उन लोगों पर-महुआ मोइत्रा
महुआ मोइत्रा ने यह भी कहा कि संख्या साबित करने की जिम्मेदारी उन लोगों पर है जो ऐसे दावे कर रहे हैं, उनके मुताबिक, अगर दावा सच होता तो अब तक लोकसभा स्पीकर को कोई औपचारिक पत्र और सार्वजनिक शक्ति प्रदर्शन जरूर दिखाई देता। पूर्व सांसद सुष्मिता देव (Sushmita Dev)के इस्तीफे से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि सिर्फ सांसदों का एक समूह बना लेने से दलबदल विरोधी कानून के तहत कोई वैध अलग गुट नहीं बनता। इसके लिए पार्टी के दो-तिहाई सांसदों का अलग होना और फिर किसी अन्य दल में शामिल होना जरूरी होता है।
महुआ मोइत्रा ने सांसदों को लेकर कही ये बात
महुआ मोइत्रा आगे कहा कि भले ही कुछ सांसद अलग बैठने का विकल्प चुन लें, लेकिन उससे संसद में किसी अलग गुट को मान्यता नहीं मिलती। उनके अनुसार, वे चाहे खुद को अलग नाम दें या किसी दल के साथ जुड़ें, इससे उनकी राजनीतिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ेगा और अलग होकर केवल बैठने से औपचारिक शक्ति नहीं बनती।
सांसद काकोली घोष ने कही ये बात
वहीं, बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार (Kakoli Ghosh Dastidar) ने दावा किया है कि उनके समूह ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है और करीब 20 सांसद उनके साथ हैं, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) को पत्र भेजकर इस फैसले की जानकारी दी है और अलग गुट के रूप में बैठने की अनुमति मांगी है।
Written By Toshi Shah