ऑपरेशन सिंदूर के तहत हुए सैन्य अभियान को एक वर्ष पूरा हो गया है। इसी अभियान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को बड़ा झटका लगा था। भारतीय वायुसेना ने उसके मुख्य ठिकाने मरकज सुभानल्लाह पर मिसाइल हमला किया था, जबकि भारतीय सेना ने ड्रोन कार्रवाई के जरिए मुजफ्फराबाद स्थित उसके PoK हेडक्वार्टर मरकज बिलाल को भारी नुकसान पहुंचाया था। अब, इस कार्रवाई के एक साल बाद उस परिसर के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह के मदद से हो रहे हैं पुनर्निर्माण

सूत्रों के अनुसार, अप्रैल 2026 में ध्वस्त ढांचे को हटाने का काम शुरू किया गया था। इसके बाद अब नई इमारत की नींव तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह कर रहे हैं। इसके लिए “मरकज बिलाल रिडेवलपमेंट ट्रस्ट” नाम से एक ट्रस्ट भी बनाया गया है, जिसकी जिम्मेदारी राणा सनाउल्लाह को सौंपी गई है।

फोटो या वीडियो बनाने पर सख्त रोक लगाई गई

जानकारी के मुताबिक, इस ट्रस्ट में PoK में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख सदस्य मोहम्मद असगर खान कश्मीरी को भी शामिल किया गया है। वहीं, पूरे निर्माण स्थल की सुरक्षा पाकिस्तानी सेना द्वारा की जा रही है और वहां फोटो या वीडियो बनाने पर सख्त रोक लगाई गई है।

पुनर्निर्माण के लिए करीब चार करोड़ रुपये जारी किए गए

गौरतलब है कि पिछले साल भारतीय कार्रवाई में संगठन के दो आतंकवादी हसन खान कश्मीरी और मोहम्मद वकास मारे गए थे। बताया जाता है कि इन दोनों को भविष्य में कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही थी। इसके अलावा, जनवरी 2026 में पाकिस्तान सरकार ने पुनर्निर्माण कार्य के लिए करीब चार करोड़ पाकिस्तानी रुपये ट्रस्ट को जारी किए थे।

 

Written By Toshi Shah