Ram Mandir News: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंदिर निर्माण के प्रोजेक्ट मैनेजर रहे जगदीश आफले को ट्रस्ट का पहला सचिव नियुक्त किया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब चंदा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट के भीतर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं।

हालांकि आफले की नियुक्ति पर औपचारिक मुहर 2 सितंबर को ट्रस्ट की अगली बैठक में लगेगी। लेकिन उन्हें अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बैंक संचालन में आई रुकावट अब होगी दूर

ट्रस्ट ने जगदीश आफले के नाम का प्रस्ताव SBI को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भेज दिया है। इससे पहले चंदा चोरी विवाद के बाद तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के कारण ट्रस्ट के खातों के संचालन में दिक्कतें आ रही थीं।

ट्रस्ट की बैठक में लिया गया था अहम फैसला 

6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए थे। इसके बाद अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और जगदीश आफले का नाम बैंक भेजा गया, लेकिन आफले के ट्रस्टी नहीं होने के कारण बैंक ने तकनीकी आपत्ति जताई थी। अब सचिव के नए पद के सृजन के साथ यह बाधा समाप्त हो गई है और एसबीआई ने खातों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया है।

कर्मचारियों के वेतन पर पड़ रहा था असर

अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नहीं होने के कारण ट्रस्ट से जुड़े करीब एक हजार कर्मचारियों के वेतन और विभिन्न एजेंसियों को किए जाने वाले भुगतान प्रभावित हो रहे थे। नए सचिव की नियुक्ति के बाद इस प्रशासनिक गतिरोध के समाप्त होने की उम्मीद है, जिससे वित्तीय कार्य पहले की तरह सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगे।

बिना वेतन निभाई प्रोजेक्ट मैनेजर की जिम्मेदारी

जगदीश आफले राम मंदिर निर्माण परियोजना के शुरुआत से ही प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में कार्य कर रहे हैं। खास बात यह है कि उन्होंने यह जिम्मेदारी बिना किसी वेतन के निभाई। मंदिर निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका और तकनीकी अनुभव को देखते हुए ट्रस्ट ने उन्हें सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

इंजीनियरिंग और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का लाभ

महाराष्ट्र के पुणे से संबंध रखने वाले जगदीश आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं। उन्होंने IIT मुंबई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और M.Tech की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम किया और यूरोप के कई देशों के साथ-साथ अमेरिका में भी अपनी सेवाएं दीं। बाद में वह भारत लौटे और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण परियोजना से जुड़ गए। वर्तमान में वह अपनी पत्नी के साथ तीर्थ क्षेत्र भवन में रहते हैं।

CEO और प्रवक्ता की नियुक्ति अभी बाकी

ट्रस्ट के अनुसार सचिव की नियुक्ति फिलहाल प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई है। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन में अभी समय लगेगा, इसलिए सचिव का नया पद बनाया गया है। इसके अलावा ट्रस्ट के नए प्रवक्ता के चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पद पर भी नाम की घोषणा की जा सकती है।

प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

जगदीश आफले की नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मंदिर निर्माण में उनकी तकनीकी विशेषज्ञता, लंबे अनुभव और संगठनात्मक भूमिका को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह ट्रस्ट के दैनिक कार्यों, वित्तीय प्रक्रियाओं और भविष्य की योजनाओं के बेहतर संचालन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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सचिव पद के सृजन के साथ ट्रस्ट ने यह संकेत भी दिया है कि वह भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

Written By: Geeta Sharma