बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा देश लौटने की इच्छा जताए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस बीच ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से इस्तीफा लेने की तैयारी कर रही है।

राष्ट्रपति को मिला अगस्त तक पद छोड़ने का सुझाव 

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति को अगस्त तक पद छोड़ने का सुझाव दिया गया है। हालांकि उन्होंने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। यदि यह घटनाक्रम आगे बढ़ता है तो बांग्लादेश की राजनीति में एक और बड़ा संवैधानिक मोड़ देखने को मिल सकता है।

राष्ट्रपति को हटाने की चर्चा क्यों?

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को शेख हसीना का करीबी माना जाता रहा है। उन्हें वर्ष 2023 में राष्ट्रपति बनाया गया था। अगस्त 2024 में हुए राजनीतिक बदलाव के दौरान भी उन्हें हटाने की मांग उठी थी। लेकिन संवैधानिक कारणों और तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों के चलते वे अपने पद पर बने रहे।

एक बार फिर से राष्ट्रपति बनेंगी शेख हसीना!

अब माना जा रहा है कि नई सरकार को आशंका है कि यदि शेख हसीना देश लौटती हैं तो राष्ट्रपति अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर ऐसे फैसले ले सकते हैं, जो सरकार की रणनीति को प्रभावित करें। इसी वजह से सरकार राष्ट्रपति पद पर ऐसे व्यक्ति को देखना चाहती है, जिस पर उसे पूरा भरोसा हो।

स्वास्थ्य भी बन सकता है इस्तीफे का आधार

सूत्रों के अनुसार सरकार चाहती है कि राष्ट्रपति स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर स्वयं पद छोड़ दें। हाल ही में लंदन में उनका हृदय संबंधी ऑपरेशन हुआ था और लंबे समय से उनकी तबीयत खराब रहने की जानकारी भी सामने आती रही है। ऐसे में सरकार इस पहलू को भी इस्तीफे के संभावित आधार के रूप में देख रही है। हालांकि राष्ट्रपति की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

तख्तापलट के बाद बदले हालात

अगस्त 2024 में बड़े राजनीतिक आंदोलन और सत्ता परिवर्तन के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत आना पड़ा था। इसके बाद उनकी पार्टी पर प्रतिबंध लगाए जाने और उनके खिलाफ कई कानूनी कार्रवाई शुरू होने की खबरें सामने आईं। बाद में हुए आम चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी सत्ता में आई, जिसके बाद देश की राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल गई।

वापसी के ऐलान ने बढ़ाई सरकार की चिंता

79 वर्षीय शेख हसीना ने हाल ही में संकेत दिए कि उनका राजनीतिक संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है और वह बांग्लादेश लौटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि उनकी संभावित वापसी को लेकर सरकार अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम कर रही है।

शेख हसीना के खिलाफ 600 से अधिक मामले हैं दर्ज

बताया जाता है कि शेख हसीना के खिलाफ 600 से अधिक मामले दर्ज हैं और कई मामलों में उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई जा चुकी है। ऐसे कानूनी मामलों के बावजूद उनका वापसी का ऐलान यह संकेत देता है कि वह राजनीतिक रूप से सक्रिय रहने का इरादा रखती हैं।

Written By: Geeta Sharma