Iran Israel War Update: ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उसके बुनियादी ढांचे पर नए सैन्य हमले करता है,तो वह जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरान का कहना है कि उसने एक "व्यापक योजना" तैयार की है,जिसके तहत इजराइल के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ऊर्जा परिसंपत्तियों को निशाना बनाया जाएगा।
ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी का बयान
समाचार एजेंसी तस्नीम से बातचीत में ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने यह बयान दिया। यह प्रतिक्रिया उन खबरों के बाद आई है, जिनमें कहा गया कि वाशिंगटन ईरान पर नए सैन्य हमलों के विकल्पों पर विचार कर रहा है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है,जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल के दिनों में कई बार कह चुके हैं कि यदि ईरान अमेरिका के साथ समझौते में और देरी करता है,तो अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है।
तनाव बढ़ने की आशंका
दोनों देशों के बीच बढ़ते बयानबाजी के बीच खबरें हैं कि अमेरिकी सैन्य योजनाकार ईरान पर संभावित हमलों के कई विकल्प तैयार कर रहे हैं। इससे ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच 40 दिन तक चले संघर्ष के कुछ महीनों बाद क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
ईरान का दावा-जवाबी कार्रवाई की पूरी तैयारी
तस्नीम से बातचीत में ईरानी अधिकारी ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे पर संभावित हमले की खबरों को "पागलपन" करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान ने ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही एक व्यापक जवाबी योजना तैयार कर रखी है, जिसमें "जायोनिस्ट शासन (इजराइल) के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और क्षेत्र में अमेरिकी ऊर्जा परिसंपत्तियों" को निशाना बनाने की रणनीति शामिल है।
"हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं"
अधिकारी ने कहा, "हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।" उन्होंने दावा किया कि 40 दिन के युद्ध और उसके बाद के घटनाक्रम में ईरानी सशस्त्र बलों ने अपनी क्षमता और इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया है। उन्होंने ट्रंप के हालिया बयानों का भी उल्लेख किया,जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि यदि तेहरान जल्द समझौते की दिशा में आगे नहीं बढ़ता, तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले किए जा सकते हैं।
अमेरिका नए सैन्य विकल्पों पर कर रहा है विचार
ईरान की यह चेतावनी उन रिपोर्टों के बाद आई है,जिनमें दावा किया गया कि अमेरिका इस सप्ताहांत तक ईरान पर नए सैन्य हमले कर सकता है।
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एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और इसे रद्द भी किया जा सकता है। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM)ने कई सैन्य विकल्प तैयार किए हैं, जिनमें ईरान के मिसाइल ढांचे को निशाना बनाने वाला लगभग दो सप्ताह का अभियान भी शामिल है।
सैन्य योजनाकारों ने ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की संभावना पर भी विचार किया है। हालांकि,ट्रंप प्रशासन ने अब तक ऐसी कार्रवाई को मंजूरी नहीं दी है, क्योंकि आशंका है कि ईरान जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है,जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
ऊर्जा और परमाणु प्रतिष्ठान भी निशाने पर
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने हाल ही में कहा था कि इजराइल आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाने के पक्ष में है। हालांकि,उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ने अभी तक ऐसी कार्रवाई को मंजूरी नहीं दी है।
अमेरिकी अधिकारियों ने तेहरान के दक्षिण में स्थित भूमिगत पिकएक्स माउंटेन परमाणु स्थल सहित ईरान के कई परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले की योजनाओं की भी समीक्षा की है। हालांकि,अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है और अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
ट्रंप ईरान के खिलाफ कर सकते है बड़ी कार्रवाई
इस बीच,व्हाइट हाउस ने कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि जब तक ईरान ट्रंप के अनुसार सार्थक वार्ता नहीं करता, तब तक उसे उसके परिणाम भुगतने होंगे।
वाशिंगटन और तेहरान के बीच लगातार तीखी होती बयानबाजी के बीच आशंका बढ़ रही है कि यदि एक और सैन्य टकराव होता है,तो इससे पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे पर गंभीर असर पड़ सकता है।
Written By: Pradeep Singh