अमेरिका और ईरान के बीच की तनातनी अब सिर्फ बयानों तक नहीं रही, बल्कि सीधी 'धमकियों' पर उतर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरह से ईरान के पुलों और पावर प्लांटों को उड़ाने की बात कही है, उसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। ट्रंप की इस 'गाली वाली धमकी' पर अब ईरान ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है और सीधा कह दिया है कि अमेरिका अब 'नरसंहार' की तैयारी कर रहा है।
ट्रंप का 'पावर प्लांट' वाला दांव और ईरान की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में तेवर दिखाते हुए कहा कि अगर ईरान ने 'होर्मुज स्ट्रेट' का रास्ता नहीं खोला, तो वहां के हालात 'नरक' जैसे कर दिए जाएंगे। उन्होंने साफ संकेत दिए कि वो ईरान की बिजली और बुनियादी ढांचे को तबाह कर देंगे। इस पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने पलटवार करते हुए कहा कि ये कोई मामूली धमकी नहीं है, बल्कि मासूम नागरिकों के खिलाफ एक 'खतरनाक खेल' है। ईरान का मानना है कि बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाना सीधा-सीधा युद्ध अपराध है।

'होर्मुज स्ट्रेट' पर अब चलेगा ईरान का नया कानून!
इस पूरी जंग का सबसे बड़ा केंद्र 'होर्मुज स्ट्रेट' ही है, जहाँ से दुनिया का तेल गुज़रता है। ईरान की सेना (IRGC) ने साफ़ एलान कर दिया है कि अब यहाँ अमेरिका और इजरायल की मनमानी नहीं चलेगी। ईरान अब वहां से गुजरने वाले जहाजों से 'टैक्स' वसूलने की तैयारी में है। उनका कहना है कि इस लड़ाई में ईरान को जो भी आर्थिक चोट पहुँची है, उसकी भरपाई वो इसी टैक्स से करेंगे। यानी अब समुद्र के इस रास्ते पर ईरान अपनी नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है।

'झूठ की बुनियाद पर खड़ी है अमेरिका की ये जंग'
ईरान के संसद स्पीकर और बड़े नेताओं ने एक सुर में कहा है कि अमेरिका की ये पूरी लड़ाई सिर्फ और सिर्फ 'झूठ' पर टिकी है। उनका आरोप है कि ट्रंप प्रशासन दुनिया को गुमराह कर रहा है ताकि वो ईरान के संसाधनों पर कब्ज़ा कर सके। ईरान का कहना है कि अमेरिका असल में वहां की सरकार को नहीं, बल्कि वहां की आम जनता को तड़पाना चाहता है।

बुनियादी ढांचे को खतरा यानी सीधा नरसंहार
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ये बात उठाई है कि बिजली और पानी जैसे बुनियादी ढांचे को तबाह करने की धमकी देना किसी नरसंहार से कम नहीं है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप की ये सोच दिखाती है कि वो कितने बड़े युद्ध अपराध की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने एक भी कदम गलत उठाया, तो ईरान का पलटवार इतना ज़ोरदार होगा कि अमेरिका संभल भी नहीं पाएगा।

क्या अब छिड़कर ही रहेगी जंग?
फिलहाल तो दोनों तरफ से तलवारें खिंची हुई हैं। जहाँ ट्रंप अपनी आक्रामक इमेज के साथ ईरान को दबाना चाहते हैं, वहीं ईरान ने 'टैक्स' और 'पुल उड़ाने' वाली धमकियों का जवाब कड़े शब्दों में देकर साफ़ कर दिया है कि वो पीछे हटने वाले नहीं हैं। अब देखना ये होगा कि क्या ये जुबानी जंग वाकई में किसी बड़े 'महायुद्ध' की शुरुआत है, या फिर कूटनीति के ज़रिए कोई बीच का रास्ता निकलेगा।
Written by: Anushka sagar