दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बातचीत के संकेत दिए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि CJP के प्रतिनिधि जब भी बातचीत के लिए समय चाहेंगे। सरकार उनसे मिलने के लिए तैयार रहेगी। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सोनम वांगचुक के बीच मुलाकात हुई, जो करीब 45 मिनट तक चली। इस बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

बातचीत के जरिए ही किसी भी विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की

हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि बातचीत के जरिए ही किसी भी विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार सभी संबंधित पहलुओं को समझने और उचित समाधान तलाशने के लिए संवाद का रास्ता अपनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की गई है और CJP जब चाहे, सरकार के साथ बैठक कर सकती है।

CJP ने भी बातचीत के प्रस्ताव पर जताई सहमति

सरकार के प्रस्ताव के बाद CJP ने भी बातचीत के लिए अपनी सहमति जताई है। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार को कहा कि CJP सरकार के साथ संवाद करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने बातचीत को लेकर कुछ शर्तें भी रखी हैं।

सौरव दास का बयान

सौरव दास ने कहा कि पहले सरकार की ओर से यह आरोप लगाया गया था कि CJP बातचीत नहीं करना चाहती, लेकिन अब सरकार ने खुद स्पष्ट कर दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जब दोनों पक्ष संवाद के लिए तैयार हैं तो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। CJP प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन के नेता किसी मंत्री या राजनीतिक नेता के निजी आवास अथवा कार्यालय में जाकर बैठक नहीं करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर बातचीत करनी है तो सरकार के प्रतिनिधि प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर आएं या फिर किसी तटस्थ स्थान पर बैठक आयोजित की जाए।

सामान्य स्थान पर बैठक का दिया सुझाव

CJP की ओर से बातचीत के लिए कांस्टीट्यूशन क्लब जैसे स्थानों का सुझाव दिया गया है। संगठन का कहना है कि बातचीत ऐसी जगह होनी चाहिए जहां दोनों पक्ष सहज महसूस कर सकें और किसी तरह का राजनीतिक दबाव न हो। सौरव दास ने कहा कि संगठन हमेशा बातचीत के पक्ष में रहा है और किसी भी समस्या का समाधान लोकतांत्रिक तरीके से बातचीत के जरिए ही संभव है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है और संवाद के माध्यम से समाधान तलाशना ही सबसे बेहतर रास्ता है।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने भी किया संपर्क

CJP प्रवक्ता ने बताया कि बुधवार सुबह दिल्ली पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संगठन के प्रतिनिधियों से संपर्क किया था। पुलिस अधिकारियों की ओर से कहा गया कि सरकार बातचीत करना चाहती है। हालांकि, CJP ने दोहराया कि उसके नेता किसी नेता के घर जाकर बातचीत नहीं करेंगे। संगठन का कहना है कि सरकार को आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन बातचीत की पहल करनी चाहिए थी।

सौरव दास ने कहा कि सरकार की ओर से इससे पहले भी बातचीत का प्रस्ताव आया था। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष इस बात को समझते हैं कि किसी भी समस्या का स्थायी समाधान बातचीत और आपसी सहमति से ही निकाला जा सकता है।

बातचीत की संभावनाओं पर टिकी नजर

दिल्ली में CJP का विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है। इस बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संभावित बातचीत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि दोनों पक्षों के बीच औपचारिक बैठक कब होती है और क्या बातचीत के जरिए लंबित मुद्दों पर कोई सहमति बन पाती है। फिलहाल सरकार और CJP दोनों ने संवाद के रास्ते को खुला रखने का संकेत दिया है।

Written By: Geeta Sharma