उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में प्रशासन ने एक अवैध रूप से संचालित मदरसे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। यह कार्रवाई इंदिरापुरम क्षेत्र की कनावनी कॉलोनी में संचालित मदरसा जामिया खुल्फा ए राशीदीन के खिलाफ की गई। जांच में सामने आया कि मदरसा बिना किसी मान्यता, वैधानिक पंजीकरण और आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित किया जा रहा था, जिससे वहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।
मदरसा के पास नहीं था कोई पंजीकरण प्रमाण-पत्र
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार,वक्फ निरीक्षक,नगर निगम के अपर आयुक्त और नायब तहसीलदार की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि मदरसा न तो संबंधित कार्यालय में पंजीकृत था और न ही इसके पास मदरसा सोसाइटी का कोई वैध पंजीकरण प्रमाण-पत्र मौजूद था।
मदरसे के पास नहीं थी NOC
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि मदरसे के पास अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) भी नहीं थी। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकालीन घटना के दौरान बच्चों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। इसके अलावा परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था नहीं थी,जो बुनियादी सुविधाओं के मानकों का उल्लंघन है।
नियमों के विपरीत किया जा रहा था हॉस्टल का संचालन
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मदरसे में नियमों के विपरीत हॉस्टल का संचालन किया जा रहा था। प्रशासन ने इसे बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के रहने और पढ़ने के लिए सुरक्षित एवं मानक सुविधाएं उपलब्ध कराना संस्थान की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां इन मानकों की अनदेखी की जा रही थी।
प्रशासन ने मदरसे के मुख्य भवन और कमरों को किया सील
प्रशासन ने मदरसे के मुख्य भवन और कमरों को सील कर दिया है। साथ ही मदरसा प्रबंधन को अपना पक्ष रखने और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का अंतिम अवसर दिया गया है। यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस और उप जिलाधिकारी (SDM) को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Written By: Geeta Sharma