शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी बीच महाराष्ट्र से सामने आए एक वायरल वीडियो ने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस वीडियो में एक पुलिसकर्मी हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी छात्रों को कथित तौर पर झूठे ड्रग्स मामले में फंसाने की धमकी देता सुनाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने जांच के आदेश दिए और संबंधित पुलिसकर्मी को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया।

वायरल वीडियो में क्या सुनाई दे रहा है?

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो पुलिस वैन के अंदर बनाया गया, जिसमें हिरासत में लिए गए छात्र बैठे हुए थे। वीडियो में पुलिस वैन चला रहा कर्मचारी कथित तौर पर छात्रों से कहता है, अगर दोबारा इधर दिखाई दिए तो मेरे जैसा बेकार आदमी कोई नहीं होगा। मैं सीधे 50-50 ग्राम पाउडर तुम्हारी जेब में डाल दूंगा। फिर जिंदगी खत्म हो जाएगी। तुम्हारी वजह से हमें परेशानी हो रही है।

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए कि पुलिसकर्मी आखिर किस ‘पाउडर’ का जिक्र कर रहा था। कई यूजर्स ने इसे किसी व्यक्ति को झूठे ड्रग्स मामले में फंसाने की धमकी बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

राज ठाकरे ने उठाए तीखे सवाल

यह मामला गुरुवार को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी प्रमुखता से उठा। राज ठाकरे ने वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उन्हें एक वीडियो मिला है जिसमें एक पुलिसकर्मी हिरासत में लिए गए युवकों को 50 ग्राम पाउडर जेब में डालने की धमकी दे रहा है।

उन्होंने सवाल किया, क्या यह पुलिसकर्मी ड्रग्स सप्लायर है? क्या पुलिस के पास ऐसा पाउडर आसानी से उपलब्ध रहता है? आखिर यह सब चल क्या रहा है? राज ठाकरे के बयान के कुछ समय बाद ही मुंबई पुलिस ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी।

पवन सांगले सस्पेंड, कांग्रेस ने भी की कार्रवाई की मांग

वीडियो में दिखाई देने वाले पुलिसकर्मी की पहचान पवन सांगले के रूप में हुई है, जो सायन पुलिस स्टेशन में ड्राइवर के पद पर तैनात था। जानकारी के अनुसार, उसने शिवाजी पार्क से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हिरासत में लिया था।

वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने पुलिस महानिदेशक से मुलाकात कर आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद विभागीय जांच शुरू की गई और जांच पूरी होने तक पवन सांगले को निलंबित कर दिया गया।

हिरासत से छात्रों के निकलने का दूसरा वीडियो भी चर्चा में

इसी घटनाक्रम से जुड़ा एक और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लेकर वैन में ले जाती दिखाई दे रही है। इसी दौरान सड़क पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारी वैन का दरवाजा खोल देते हैं, जिसके बाद हिरासत में बैठे कई छात्र बाहर निकलकर वहां से चले जाते हैं।

इस वीडियो को लेकर भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग इसे छात्रों के विरोध का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती और अराजकता की स्थिति बता रहे हैं।

पुलिस कर रही दोनों मामलों की जांच

मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया है और दोनों घटनाओं की जांच की जा रही है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिसकर्मी के निलंबन और वायरल वीडियो को लेकर पूरे मामले पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है।

Written By: Geeta Sharma