दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने हाल के समय की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी में से एक को अंजाम दिया है। अधिकारियों ने बैंकॉक से आए दो थाई नागरिकों के पास से करीब 48 करोड़ रुपए कीमत का हाइड्रोपोनिक गांजा (मारिजुआना) बरामद किया है। इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।

एजेंसियों की निगरानी में 2 थाई नागरिक

कस्टम विभाग के अनुसार, 22 मई 2026 को बैंकॉक से फ्लाइट AI-2356 के जरिए दिल्ली पहुंचे 2 थाई नागरिक पहले से ही एजेंसियों की निगरानी में थे। एयरपोर्ट पर दोनों यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने उन्हें ग्रीन चैनल पार करने के दौरान रोक लिया। प्रोफाइलिंग और शुरुआती पूछताछ के बाद उनके सामान की गहन जांच की गई।

पकड़े गए हाइड्रोपोनिक वीड की कीमत 48 करोड़ रुपए

तलाशी के दौरान अधिकारियों को दोनों यात्रियों के बैग से कुल 6 वैक्यूम-सील पैकेट मिले, जिनमें हाइड्रोपोनिक वीड छिपाकर लाई जा रही थी। जांच में पता चला कि एक यात्री के पास से करीब 29 किलो गांजा बरामद हुआ,जबकि दूसरे यात्री के सामान से लगभग 19 किलो मादक पदार्थ मिला। कुल मिलाकर 47.805 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 48 करोड़ रुपए आंकी गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह खेप किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के लिए भारत लाई जा रही थी।

विदेशी नागरिकों से पूछताछ जारी

फिलहाल कस्टम विभाग दोनों विदेशी नागरिकों से पूछताछ कर रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दिल्ली में यह खेप किसे सौंपी जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और भारत में सक्रिय ड्रग सप्लाई चैन की भी जांच की जा रही है।

अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे पर भी कार्रवाई

इसी तरह की एक और बड़ी कार्रवाई अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हुई है। यहां एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने बैंकॉक से आए एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया। आरोपी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का निवासी बताया जा रहा है और वह थाई एयरवेज की फ्लाइट TG-343 से अहमदाबाद पहुंचा था।

जांच के दौरान 19 वैक्यूम-सील्ड पैकेट किए गए बरामद

अधिकारियों ने उसके ट्रॉली बैग की जांच के दौरान 19 वैक्यूम-सील्ड पैकेट बरामद किए, जिनमें करीब 20.366 किलोग्राम गांजा छिपाकर रखा गया था। शुरुआती जांच में बरामद पदार्थ की पुष्टि गांजे के रूप में हुई। एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए है। मामले की आगे की जांच अब डीआरआई को सौंप दी गई है।

 

Written By: Geeta Sharma