Himanta Biswa Sarma Oth Ceremony: 12 मई, मंगलवार को हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन को मिली प्रचंड जीत के बाद राज्य में एक बार फिर भाजपा नेतृत्व वाली सरकार बनने जा रही है। चुनाव परिणामों में एनडीए ने कुल 102 सीटों पर जीत दर्ज की, जिनमें भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया। इस जीत को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की लोकप्रियता और संगठन की मजबूत रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।

 हिमंता बिस्वा सरमा लेंगे सीएम पद की शपथ

राजभवन में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर हिमंता बिस्वा सरमा और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। समारोह को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

4 अन्य नेता मंत्री पद की लेंगे शपथ

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ 4 अन्य नेता भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। इनमें भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली, असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता चरण बोरो तथा भाजपा विधायक अजंता नियोग शामिल हैं। इन नेताओं के शामिल होने से एनडीए गठबंधन की सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति स्पष्ट दिखाई देती है।

असम विधानसभा के नए अध्यक्ष होंगे रणजीत कुमार दास

इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता रणजीत कुमार दास को असम विधानसभा का नया अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी है। नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक की जाएगी आयोजित

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक भी आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, रोजगार और कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेता होंगे शामिल

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। इस कार्यक्रम को भाजपा के लिए पूर्वोत्तर भारत में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।

 Written By: Geeta Sharma