दक्षिण भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। केरलम और कर्नाटक सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल हैं। जहां बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। केरलम में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है,जबकि आठ अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं,कर्नाटक के शिवमोगा जिले में हुए दर्दनाक भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई।

केरलम में राहत और बचाव अभियान तेज

केरलम में बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक 5,792 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 209 राहत शिविरों में ठहराया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार,मुख्यमंत्री ने संबंधित मंत्रियों और जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

 बारिश में पिछले दिन की तुलना में कुछ कमी आई

बारिश में पिछले दिन की तुलना में कुछ कमी आई है,जिससे राहत कार्यों में तेजी आई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई और स्वच्छता अभियान भी शुरू कर दिया गया है। इस आपदा में 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं,जबकि 196 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। सरकार ने मृतकों के परिजनों,बेघर हुए लोगों और फसल व आजीविका खोने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। घायल लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।

सबरीमाला यात्रियों के लिए सरकार की चेतावनी

भारी बारिश,पंपा नदी के बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने 2 और 3 अगस्त को निरपुथरी अवसर पर सबरीमाला जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा पर पुनर्विचार करने की अपील की है। क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।

शिवमोगा में भूस्खलन से परिवार खत्म

कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच रविवार तड़के करीब 2:30 बजे शिवमोगा जिले के इंदिरा नगर इलाके में भूस्खलन हुआ। मलबा एक अस्थायी शेड पर गिरने से वहां रह रहे प्रवासी मजदूर परिवार के तीन सदस्य उसकी चपेट में आ गए। हादसे में 35 वर्षीय मल्लिकार्जुन, उनकी 28 वर्षीय पत्नी नागवेणी और उनके तीन वर्षीय बेटे की मौत हो गई। यह परिवार कोप्पल जिले के गंगावती तालुक के कोक्करेगारू गांव का रहने वाला था और पिछले दो वर्षों से इसी शेड में रह रहा था।

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पुलिस तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और तीनों शवों को मलबे से बाहर निकाला। पास के शेड में रहने वाला एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे तीर्थहल्ली के जयचामराजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

मानसून में बढ़ा खतरा

दक्षिण भारत में जारी भारी बारिश ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बाढ़ और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर प्रवासी मजदूरों, को सबसे अधिक जोखिम का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में समय रहते सुरक्षित स्थानों पर लोगों को स्थानांतरित करना और मौसम संबंधी चेतावनियों का सख्ती से पालन करना भविष्य में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए बेहद आवश्यक है।

Written By: Geeta Sharma