अफगानिस्तान में प्रकृति ने अपना कहर बरपाया है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में अचानक बाढ़ आई। जिसमें से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। फिलहाल अभी बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
बचाव अभियान चलाया जा रहा है
बता दें,अफगानिस्तान नेशनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद आपदा पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ पूर्वी प्रांत नूरिस्तान में आई और लापता लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। आगे कहा, हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे बाढ़ की आशंका वाले और जोखिम भरे इलाकों से दूरी बनाए रखें। क्योंकि आज पारुन शहर और नूरिस्तान प्रांत के कई अन्य इलाकों में आई भीषण बाढ़ के कारण हमारे साथी नागरिकों की जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
अफगानिस्तान में लगातार क्यों बढ़ रही प्राकृतिक घटनाएं
अफगानिस्तान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां प्रकृतिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। भारी बारिश, अचानक बर्फ पिघलने और अचानक बाढ़ की घटनाएं हर साल बड़ी तबाही मचाती हैं। साल 2024 में वसंत ऋतु के दौरान आई अचानक बाढ़ में 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। वहीं इस साल की शुरुआत में भी कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 110 लोगों ने अपनी जान गंवाई। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण असामान्य वर्षा और मौसम में तेजी से बदलाव ऐसे हादसों की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ा रहे हैं।
कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और दशकों का संघर्ष
कई दशकों से चले आ रहे संघर्ष ने अफगानिस्तान के बुनियादी ढांचे को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। सड़कें, पुल, जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन प्रणाली कई क्षेत्रों में बेहद कमजोर हैं। इसके साथ ही पेड़ों की कटाई और खराब आर्थिक स्थिति ने प्राकृतिक आपदाओं के असर को और बढ़ा दिया है। दूर-दराज के इलाकों में बड़ी संख्या में लोग मिट्टी से बने घरों में रहते हैं, जो तेज बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का सामना नहीं कर पाते। सरकारी प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने नूरिस्तान प्रांत में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
भारी बारिश का अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
ट्रांसपोर्ट और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि देश के 34 में से 10 प्रांतों में आने वाले दिनों में मौसम और खराब हो सकता है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में भारी बारिश, आंधी-तूफान, धूल भरी तेज हवाएं और अचानक बाढ़ आने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे, पहाड़ी ढलानों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते चेतावनियों का पालन, सुरक्षित स्थानों पर जाना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम कर सकता है।
Written By: Geeta Sharma