गांधीनगर। गुजरात सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए नई कल्याणकारी योजना की घोषणा की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों को महंगे और अत्याधुनिक इलाज का लाभ मिल सके।

आदिवासी परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य आदिवासी परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। जनजाति विकास विभाग ने मंत्री नरेशभाई पटेल और राज्य मंत्री पी.सी. बरांडा के नेतृत्व में योजना के क्रियान्वयन को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।

अंग प्रत्यारोपण और जटिल ऑपरेशन के लिए सहायता

राज्य सरकार ने इस योजना का नाम 'राज्य के अनुसूचित जनजाति समुदाय के मरीजों के लिए किडनी, लिवर, हृदय, अग्न्याशय (पैंक्रियास) आदि के अंग प्रत्यारोपण तथा रोबोटिक सर्जरी सहित अन्य जटिल ऑपरेशन के लिए सहायता योजना' रखा है।

योजना के लिए 2 करोड़ का बजट

योजना के पहले वर्ष के लिए 2 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके प्रभावी संचालन के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज़ एंड रिसर्च सेंटर (IKDRC) को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

योजना के तहत आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) या एमए कार्ड के तहत मिलने वाली सहायता राशि घटाने के बाद बचने वाले उपचार खर्च का वहन राज्य सरकार करेगी।

उदाहरण के तौर पर, यदि IKDRC में किसी अंग प्रत्यारोपण का कुल खर्च 6 लाख रुपये है और PMJAY के तहत 3 लाख रुपये की सहायता मिलती है, तो शेष 3 लाख रुपये इस योजना के तहत दिए जाएंगे।

यदि किसी निजी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण का खर्च 10 लाख रुपये है, जबकि उसी प्रक्रिया की सरकारी स्वीकृत दर 6 लाख रुपये है, तो PMJAY की 3 लाख रुपये की सहायता घटाने के बाद लाभार्थी को अधिकतम 3 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। यह सहायता सरकारी स्वीकृत दर तक ही सीमित रहेगी।

योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता और शर्तें:

1. लाभार्थी गुजरात का अनुसूचित जनजाति समुदाय का सदस्य होना चाहिए और उसके पास वैध जाति प्रमाणपत्र होना चाहिए।

2. मरीज के पास PMJAY या एमए कार्ड होना अनिवार्य है।

3. योजना का लाभ लेने के लिए पहले IKDRC से संपर्क करना होगा।

4. निजी अस्पताल में उपचार कराने की स्थिति में भी IKDRC की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी।

5. IKDRC की ट्रांसप्लांट समिति से चिकित्सीय मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

6.अंगदाता किसी भी समुदाय का हो सकता है, लेकिन आर्थिक सहायता केवल अनुसूचित जनजाति समुदाय के अंग प्राप्तकर्ता को ही मिलेगी।

7. स्कूली बच्चों को इस योजना में अलग से शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उन्हें स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत पहले से ही निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

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भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जाएगी। योजना के तहत सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) या सीएम डैशबोर्ड पोर्टल के माध्यम से जारी की जाएगी। इसके अलावा, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी के लिए समय-समय पर सोशल ऑडिट और थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।

Written By: Pradeep Singh