बकरीद से पहले महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री और बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले का बड़ा बयान सामने आया है। दरअसल उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र में गाय नहीं काटने देंगे और ऐसा करने वालों पर मकोका लगेगा।

पेट्रोल-डीजल पर भी बावनकुले ने दिया बयान

बता दें,राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पेट्रोल-डीजल पर भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी को सूचना और निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति पेट्रोल-डीजल का अनावश्यक स्टॉक अपने पास न रखे। इतना ही नहीं बल्कि घरेलू स्तर पर ईंधन जमा न किया जाए। साथ ही कमर्शियल इस्तेमाल करने वाले लोग भी जरूरत से ज्यादा स्टॉकिंग से बचें।

'सभी दलों को भी देशहित में साथ आना चाहिए'

आगे उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अगर कोई कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश करे तो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। महाराष्ट्र की जनता पीएम मोदी की अपील का समर्थन कर रही है और सभी राजनीतिक दलों को भी देशहित में साथ आना चाहिए।

गोतस्करों के खिलाफ मकोका लगाने के आदेश पर बोले बावनकुले

वहीं महाराष्ट्र सरकार के गोतस्करों के खिलाफ मकोका लगाने के आदेश पर बावनकुले ने बड़ा बयान दिया। बावनकुले ने कहा है कि राज्य में जो भी गोवंश तस्करी करेगा उसके खिलाफ मकोका के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आगे कहा यह भी कहा कि बकरीद में बकरे काटे जाते हैं,गाय नहीं और जो भी गोवंश हत्या या तस्करी करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।

'गोवंश हत्या करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई'

अंत में उन्होंने कहा कि सरकार ने सर्विलांस टीमें तैनात कर दी हैं। गोवंश हत्या बंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सड़क पर कटाई या कानून तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

22 मई को महाराष्ट्र सरकार ने गौ तस्करी,अवैध गोवंश परिवहन और गैरकानूनी बूचड़खानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने घोषणा की कि संगठित तरीके से गौ तस्करी करने वाले गिरोहों और रैकेट के खिलाफ अब महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई संभव हो सकेगी। इस अभियान की निगरानी और जिम्मेदारी जिलाधिकारियों तथा पुलिस आयुक्तों को सौंपी गई है,ताकि कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

 

Written By: Geeta Sharma