Bhopal Farmers Protest: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार, 29 जुलाई को किसानों का आंदोलन और तेज हो गया। 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' के तहत बड़ी संख्या में किसान राजधानी पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च की तैयारी में हैं।

किसानों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। राजधानी पहुंचने से पहले किसान करीब 25 दिनों तक विभिन्न जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करते रहे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने भोपाल कूच करने का फैसला लिया।

कृषि मंत्री से बातचीत बेनतीजा

मंगलवार देर रात कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की। लेकिन बैठक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। किसानों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। बातचीत विफल होने के बाद आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया और रातभर सड़क पर धरना जारी रखा।

यह भी पढ़ें: Paytm Payments Bank बंद होने का काउंटडाउन शुरू, आपका पैसा सुरक्षित है या नहीं? जानिए पूरी बात

मूंग खरीदी और खाद वितरण सबसे बड़ी मांग

किसानों की कुल आठ मांगें हैं, लेकिन दो प्रमुख मुद्दों पर वे किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं हैं। पहली मांग है कि सरकार मूंग की फसल की 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करे। किसानों का कहना है कि सरकार ने ही उन्हें मूंग की खेती बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन अब खरीद से पीछे हट रही है। जिससे उन्हें प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये तक का नुकसान हो रहा है। दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था में लागू टोकन सिस्टम को खत्म करने की है। ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।

आंदोलन में युवाओं की बड़ी भागीदारी

इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसमें बड़ी संख्या में युवा और जेन-ज़ी किसान शामिल हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि इस बार पारंपरिक किसान नेतृत्व की बजाय युवा मोर्चा संभाल रहे हैं। उनका दावा है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

सड़क पर धरना, दाल-बाटी बनाकर किया भोजन

नर्मदापुरम और आसपास के 12 जिलों से आए किसान मंगलवार रात होशंगाबाद रोड पर पुलिस के अंतिम बैरिकेड के पास धरने पर बैठ गए। प्रशासन की समझाइश के बावजूद वे नहीं हटे। किसानों ने सड़क किनारे आग जलाकर दाल-बाटी बनाई। टमाटर और मिर्च का भरता तैयार किया और वहीं भोजन किया। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे लंबे समय तक आंदोलन जारी रखने के लिए राशन का भी इंतजाम कर लेंगे।

ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित,स्कूलों में अवकाश

किसान आंदोलन के कारण भोपाल में कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नर्मदापुरम रोड, एमपी नगर और एम्स जाने वाले मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया है। इसके साथ ही शहर के कई स्कूलों में एहतियातन अवकाश घोषित किया गया है। भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जबकि प्रशासन लगातार किसानों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।

 Written By: Geeta Sharma