Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पश्चिमी रिंग रोड परियोजना को रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। बता दें कि अयोध्या-गोंडा फोरलेन और पूर्वी रिंग रोड के बाद अब करीब 20.57 किलोमीटर लंबी पश्चिमी रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। परियोजना के तहत सदर तहसील के 24 गांवों के 775 गाटों की करीब 107 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
करीब 16.46 अरब रुपये की लागत से बनने वाली इस रिंग रोड के पूरा होने के बाद गोंडा शहर में भारी वाहनों का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। बाहर से आने वाले बड़े वाहनों को शहर के अंदर से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
24 गांवों से होकर गुजरेगी रिंग रोड
पश्चिमी रिंग रोड अयोध्या रोड पर पराग डेयरी के पास से शुरू होगी। यहां से यह कटहा घाट होते हुए लखनऊ रोड पर हारीपुर स्थित आईटीसी के पास पहुंचेगी। इसके बाद बहराइच मार्ग पर रुद्रपुर विसेन होते हुए दत्तनगर के पास बलरामपुर रोड से जुड़ेगी। परियोजना के दायरे में इंदिरापुर, भदुआ तरहर, दुल्लापुर खालसा, सिंधाव, पंडरीशंकर, रुद्रपुर विसेन, केशवपुर पहड़वा, झंझरी, उम्मेदजोत, दत्तनगर विसेन, कटहा माफी और हारीपुर समेत कुल 24 गांव शामिल हैं।
3 रेलवे ओवरब्रिज और 7 पुल बनेंगे
पश्चिमी रिंग रोड परियोजना के तहत तीन रेलवे ओवरब्रिज, दो बड़े पुल और पांच छोटे पुल बनाए जाने हैं। इन निर्माण कार्यों के बाद अयोध्या, लखनऊ, बहराइच और बलरामपुर की तरफ से आने-जाने वाले भारी वाहनों को गोंडा शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी।
भूमि अधिग्रहण के बाद शुरू होगा निर्माण
शासन ने पिछले वर्ष नवंबर में परियोजना को मंजूरी दी थी। शुरुआती चरण में 3.70 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी की गई थी। अब भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को तेज किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लखनऊ के अधिशासी अभियंता राजकुमार पिथौरिया के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पश्चिमी रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। पश्चिमी रिंग रोड के बनने से गोंडा में ट्रैफिक व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा।
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Written By Shailesh Yadav