9 मई शनिवार को ओडिशा के ढेंकानाल शहर से हैरान कर देने वाला खबर सामने आई है। जहां एक पूर्व OSAP (ओडिशा स्पेशल आर्म्ड पुलिस) कॉन्स्टेबल मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसने नौकरी बहाल करने के साथ-साथ अपनी कैंसर पीड़ित मां के इलाज के लिए सरकारी सहायता की भी मांग करने लगा। यह हाईवोल्टेज ड्रामा करीब 15 घंटे तक चलता रहा। हालांकि मौके पर पहुंची प्रशासन और फायर सर्विस की टीम ने उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया।
बिना कारण सेवा से निष्कासित कर दिया गया: रुद्र नारायण दास
युवक की पहचान कामाख्यानगर थाना क्षेत्र के सोगर गांव निवासी रुद्र नारायण दास के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार,रुद्र नारायण दास की नियुक्ति सितंबर 2018 में प्रथम OSAP बटालियन में कॉन्स्टेबल के रूप में हुई थी। लेकिन प्रशिक्षण के दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई थी। जिसके चलते उन्हें मेडिकल रेस्ट दिया गया। वहीं दूसरी तरफ रुद्र का आरोप है कि बाद में जब वह ड्यूटी पर लौटे तो उन्हें बिना कारण सेवा से निष्कासित कर दिया गया।
नौकरी छूटने से परिवार आर्थिक संकट में डूबा
रुद्र ने दावा किया कि नौकरी छूटने के बाद परिवार आर्थिक संकट में डूब गया। उनकी मां कैंसर से पीड़ित हैं और इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग,मुख्यमंत्री कार्यालय और यहां तक कि राष्ट्रपति कार्यालय तक कई बार गुहार लगाई, लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिली। लगातार अनदेखी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
मौके पर पहुंचीं पुलिस,फायर सर्विस और प्रशासनिक अधिकारी
रुद्र के मोबाइल टावर पर चढ़ने की सूचना मिली,इलाके में अफरा-तफरी मच गई। टाउन थाना के पास स्थित टावर के नीचे लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस,फायर सर्विस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। ADM,अतिरिक्त SP,सब-कलेक्टर,तहसीलदार और SDPO समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घंटों तक मौके पर डटे रहे और रुद्र को समझाने का प्रयास करते रहे।
रुद्र ने मोबाइल टावर पर चढ़ खुद को आग लगाने की दी धमकी
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब रुद्र ने अपने पास रखी 2 पेट्रोल की बोतलें दिखाते हुए चेतावनी दी कि अगर जबरन नीचे उतारने की कोशिश की गई तो वह खुद को आग लगा लेंगे। इसके बाद बचाव अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया। ODRAF, अंगुल फायर विभाग और भुवनेश्वर फायर सर्विस की टीमों को भी बुलाया गया। टावर के नीचे सुरक्षा जाल लगाया गया और हाई प्लेटफॉर्म मशीन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
अधिकारियों ने मांगों पूरा करने का भरोसा दिलाया
करीब 15 घंटे तक चले तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद तेज गर्मी और थकान के कारण रुद्र की तबीयत बिगड़ने लगी। इसी दौरान उनके जीजा और अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद रुद्र नीचे उतरने के लिए तैयार हो गए। फायर सर्विस की टीम ने उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा और तुरंत एंबुलेंस से ढेंकानाल जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
Written By: Geeta Sharma