गौतमबुद्ध नगर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने श्रमिकों के लिए राहत देते हुए 1 अप्रैल से उनकी मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी का फैसला किया है। इस निर्णय के तहत गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के मजदूरों की मजदूरी में सबसे अधिक, यानी लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

नगर निगम वाले इलाके में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी

इसके अलावा, जिन जिलों में नगर निगम हैं वहां मजदूरी में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि बाकी जिलों में यह वृद्धि लगभग 10 प्रतिशत रखी गई है।

प्रदेशभर में एक समान है न्यूनतम मजदूरी

फिलहाल प्रदेशभर में न्यूनतम मजदूरी की दरें एक समान थीं। अकुशल श्रमिकों को 11,313 रुपये मासिक (435.14 रुपये प्रतिदिन), अर्द्धकुशल श्रमिकों को 12,445 रुपये मासिक (478.69 रुपये प्रतिदिन) और कुशल श्रमिकों को 13,940 रुपये मासिक (536.16 रुपये प्रतिदिन) मिलते थे।

नई दरें कुछ इस प्रकार

नई अंतरिम दरों के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाकर 13,690 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,868 रुपये कर दी गई है। नगर निगम वाले अन्य जिलों में अकुशल श्रमिकों को 13,006 रुपये, अर्द्धकुशल को 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,025 रुपये मिलेंगे। वहीं, बाकी जिलों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,356 रुपये, अर्द्धकुशल की 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों की 15,224 रुपये निर्धारित की गई है।

Written By Toshi Shah