मोन टाउन। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार को लैंडस्लाइड से प्रभावित मोन टाउन और आसपास के इलाकों का दौरा किया। उनके साथ असम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल और राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक भी मौजूद रहे।
आपदा बेहद दुखद और पीड़ादायक -नड्डा
जेपी नड्डा ने डिफेंस कॉलोनी और टेचा वार्ड समेत लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मोन स्थित कोन्याक यूनियन कार्यालय में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
नड्डा ने इस प्राकृतिक आपदा को बेहद दुखद और पीड़ादायक घटना बताया। उन्होंने प्रभावित लोगों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। सरकार और बड़ी संख्या में लोग उनके साथ खड़े हैं।
राहत और पुनर्वास
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को खुद देखा है और लोगों को आपदा के बाद जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, उससे वह पूरी तरह अवगत हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राहत और पुनर्वास के लिए हरसंभव मदद करेगी और हालात को सामान्य करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र की एक टीम भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों में सहयोग करेगी। नड्डा ने प्रभावित परिवारों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पहुंचाया।
नागरिक संगठनों की पहल पर आपातकालीन राहत शिविर
केंद्रीय मंत्री ने जिला प्रशासन, कोन्याक यूनियन, कोन्याक स्टूडेंट्स यूनियन और कोन्याक न्यूपुह शेको खोंग की ओर से बनाए गए आपातकालीन राहत शिविरों की पहल की सराहना की। उन्होंने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, SDRF, नागरिक संगठनों और स्वयंसेवकों की ओर से किए जा रहे बचाव एवं राहत कार्यों की भी प्रशंसा की।
भारी बारिश से मोन जिले में तबाही
मोन के उपायुक्त वेन्न्येई कोन्याक ने जिले में आपदा की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति बनी। इससे सड़कें, पुल और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।
कई गांवों में कुछ समय के लिए सड़क संपर्क बाधित हुआ। डिफेंस कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहे। कई घरों को नुकसान पहुंचा और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित
बारिश और लैंडस्लाइड के कारण कई जगहों पर बिजली और पानी की आपूर्ति भी अस्थायी रूप से प्रभावित हुई। जरूरत वाले इलाकों में राहत शिविर और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के बीच खाद्यान्न, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान वितरित किया जा रहा है।
कोन्याक यूनियन के अध्यक्ष यामाओ कोन्याक ने केंद्रीय मंत्री और उनकी टीम के दौरे के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनका यहां आना इस बात का संदेश है कि इस मुश्किल समय में मोन अकेला नहीं है।
जुलाई में भारी बारिश से भारी नुकसान
NSDMA के असिस्टेंट मैनेजर और मोन DDMA के नोडल अधिकारी रेंडेमो शितियो ने जुलाई 2026 में मानसून से हुए नुकसान को लेकर प्रस्तुति दी।
उन्होंने बताया कि 19 और 20 जुलाई 2026 को लगातार भारी बारिश के कारण मोन जिले में बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ की स्थिति बनी। इससे जान-माल का नुकसान हुआ, घरों को भारी क्षति पहुंची, कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ और कई महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए।
यह भी पढ़ें: विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 : जन्म के बाद कितने महीने तक नवजात को स्तनपान कराना जरूरी?
मोन मुख्यालय में स्थित AWS के अनुसार, 19 जुलाई को जिले में 83.95 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं 19 से 31 जुलाई के बीच कुल 341 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रभावित इलाकों और बाढ़-लैंडस्लाइड से हुई तबाही के वीडियो भी इस दौरान दिखाए गए।
Written By : Pradeep Singh