पटना स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला फायर सेफ्टी व्यवस्था से जुड़ा है। बिहार फायर सर्विस की एक ऑडिट टीम ने रविवार को संस्थान का औचक निरीक्षण किया और वहां मौजूद अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आने के बाद विभाग ने संस्थान प्रबंधन को 15 जून तक सभी आवश्यक सुधार पूरे करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।
कोचिंग संस्थान में नहीं किया गया था सुरक्षा मानकों का पालन
बिहार फायर सर्विस के कमांडेंट रितेश कुमार पांडे के अनुसार, विभाग ने इससे पहले 25 मई को भी इस कोचिंग संस्थान का निरीक्षण किया था। उस समय पाया गया था कि लगभग 4000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैली पांच मंजिला इमारत की ऊंचाई 18 मीटर है, लेकिन अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। इसके बाद 31 मई को संस्थान को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया था।
संस्थान में भी अधूरी हैं कई महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाएं
रविवार को हुई दूसरी जांच का उद्देश्य यह देखना था कि संस्थान ने विभाग द्वारा दिए गए सुझावों पर कितना अमल किया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि भवन में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाएं अब भी अधूरी हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि पांच मंजिला इमारत में केवल एक ही सीढ़ी उपलब्ध है, जिसकी चौड़ाई भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा, भवन में ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम का अभाव पाया गया, जो किसी भी आपात स्थिति में समय रहते आग का पता लगाने के लिए आवश्यक माना जाता है।
जांच में पाएगी गई एक ओर खामी
जांच में यह भी सामने आया कि विभाग द्वारा सुझाए गए पंप हाउस और 1.5 लाख लीटर क्षमता वाले अंडरग्राउंड वॉटर टैंक की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं की गई है। अधिकारियों ने भवन में पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर लगाने और अन्य सुरक्षा उपकरणों को तत्काल स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
बिहार फायर सर्विस ने सुरक्षा मानकों को लेकर कही ये बात
बिहार फायर सर्विस ने स्पष्ट किया है कि बड़ी संख्या में छात्र प्रतिदिन इस संस्थान में अध्ययन के लिए आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग ने कोचिंग प्रबंधन को 7 से 10 दिनों के भीतर सभी आवश्यक सुधार पूरे करने का निर्देश दिया है। यदि निर्धारित समय सीमा तक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो विभाग आगे की कार्रवाई करने पर विचार कर सकता है। यह संस्थान का दूसरा फायर ऑडिट था। पहले निरीक्षण में भी कई कमियां उजागर हुई थीं, लेकिन उन पर संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने के कारण विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है।
Written By: Geeta Sharma