Delhi News: पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र स्थित जनता मजदूर कॉलोनी में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में चल रहे शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कोचिंग सेंटर एक मकान के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित हो रहा था, जहां घटना के समय कई छात्र मौजूद थे। कुछ छात्र कंप्यूटर पर कार्य कर रहे थे, जबकि अन्य अपनी पढ़ाई में व्यस्त थे।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस और दमकल विभाग द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की खुली पोल
इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। राजधानी दिल्ली में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर रिहायशी इमारतों में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के संचालित हो रहे हैं। फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी, आपातकालीन निकास की अनुपस्थिति और बिजली के खराब प्रबंधन जैसी लापरवाहियां बड़े हादसों को न्योता दे रही हैं।
इससे पहले भी हो चुकी हैं हादसे
गौरतलब है कि इससे पहले भी ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं। वर्ष 2024 में राजेंद्र नगर में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की जान चली गई थी। वहीं, 2025 में ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में भी आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें समय रहते छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इन लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई का अभाव चिंताजनक है। अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों पर पूर्ण रूप से अंकुश नहीं लग पाया है, जिससे छात्रों की सुरक्षा खतरे में बनी हुई है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग सख्त नियम लागू करें और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
Writen By: Geeta Sharma