Noida Labour Protest: यूपी के ग्रेटर नोएडा के फेज-2 इलाके में कंपनियों के कर्मचारियों का वेतन बढ़ोतरी को लेकर चल रहा प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया। नाराज कर्मचारियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ गाड़ियों में आग भी लगा दी। वहीं हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस की गाड़ी को भी निशाना बनाया गया और उसे पलट दिया गया।
4 दिनों से चल रहा है कर्मचारियों का प्रर्दशन
जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन पिछले 3 से 4दिनों से लगातार जारी है। सोमवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्गों को जाम कर दिया, जिससे नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने उग्र रूप अपनाते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। यहां तक कि प्रदर्शनकारियों ने एक काले रंग की कार में आग लगा दी, जो देखते ही देखते धू-धू कर जलने लगी। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात कर हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की।
#WATCH उत्तर प्रदेश: नोएडा फेज़ 2 में कंपनी के पास के इलाके में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का विरोध हिंसक हो गया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 13, 2026
प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों और प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया गया और पत्थरबाज़ी भी हुई। यहां भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। pic.twitter.com/VBiP5A9YvB
गुरुग्राम से शुरू हुआ आंदोलन नोएडा पहुंचा
बताया जा रहा है कि यह आंदोलन पहले गुरुग्राम से शुरू हुआ था, जो अब नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों तक फैल चुका है। फेज-2 के होजरी कॉम्प्लेक्स और ईकोटेक थर्ड इलाके में सैकड़ों कंपनियों के हजारों कर्मचारी इस विरोध में शामिल हैं। करीब 500 से अधिक कंपनियों के कर्मचारी किसी न किसी रूप में इस आंदोलन से जुड़े बताए जा रहे हैं।
#WATCH | Uttar Pradesh: A vehicle torched during a protest by a large number of employees of a company over their demands for a salary increment, in Phase 2 of Noida. Heavy Police deployment made here to bring the situation under control. pic.twitter.com/a2athgYrTT
— ANI (@ANI) April 13, 2026
वेतन बढ़ाने को लेकर प्रर्दशन कर रहे मजदूर
प्रदर्शनकारी मजदूरों की मुख्य मांगों में वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह करना, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, निर्धारित कार्य घंटे, साप्ताहिक अवकाश और समय पर वेतन भुगतान शामिल हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बेहद कम मजदूरी मिलती है, और 10-12 घंटे तक काम कराया जाता हैं। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया गया। इसके बाद मजदूर और उग्र हो गए और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं।
मामले पर क्या बोले डीएम
गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाए हैं और 24 घंटे का कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी है, जिससे प्रशासन और कंपनियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
Writen By: Geeta Sharma