सोमवार को महिला आरक्षण को लेकर एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कल सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विज्ञान भवन में होने वाले ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में शामिल होंगे और देशभर की महिलाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं से सीधे बातचीत भी करेंगे। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से कई जानी-मानी महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। यह सम्मेलन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसमें महिला आरक्षण कानून में किए जाने वाले बदलावों पर चर्चा होने और उन्हें मंजूरी मिलने की संभावना है।

सम्मेलन में शामिल होंगी बड़ी हस्तियां

इस सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी यादव, राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर भी मौजूद रहेंगी। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले संविधान संशोधन बिलों पर चर्चा और मंजूरी के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र शुरू होगा। यह सम्मेलन उसी विशेष सत्र से पहले आयोजित किया जा रहा है, इसलिए इसका खास महत्व है। इस कार्यक्रम का आयोजन “पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी” के नारे के साथ किया जा रहा है।

एक मंच पर जुटेंगी विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं

बता दें कि इस कार्यक्रम में सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी महिलाएं एक साथ शामिल होंगी। यह सम्मेलन महिला उपलब्धियों और नेतृत्व को एक मंच पर लाने का काम करेगा। पीएम मोदी पहले भी कह चुके हैं कि 2047 तक विकसित भारत के लिए 'Women Led Development' जरूरी है।

इस कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि देश के विकास में महिलाओं की नेतृत्व भूमिका बेहद अहम है। इसमें सभी वर्तमान महिला सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है। पीएम मोदी ने सभी दलों के लोकसभा और राज्यसभा नेताओं को पत्र लिखकर संविधान संशोधन बिलों का समर्थन करने की अपील भी की है।

संसद के विशेष सत्र से पहले बड़ा सम्मेलन

सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास किया था, जिसे महिला आरक्षण कानून कहा जाता है। इसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान है, जो महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह कानून 2027 की जनगणना और उसके बाद होने वाले डीलिमिटेशन के बाद लागू होगा, जिसके कारण इसका असर 2029 से पहले नहीं दिख सकता था। इसे जल्द लागू करने के लिए संसद के 16 अप्रैल से शुरू होने वाले विशेष सत्र में इस पर चर्चा की जाएगी। इस बदलाव के बाद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

Written By - Namita Verma